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नक्सलियों ने गिराई मालगाड़ी

जगदलपुर/बचेली/किरंदुल/दंतेवाड़ा. पीजीए स्थापना सप्ताह के पहले ही दिन नक्सलियों ने दक्षिण बस्तर में जमकर उत्पात मचाया। कमलूर स्टेशन के पास शनिवार नक्सलियों ने गिराई मालगाड़ीरात 9.20 बजे नक्सलियों ने फिश प्लेट उखाड़कर मालगाड़ी गिरा दी। आयरन ओर लेकर विशाखापट्टनम जा रही इस मालगाड़ी के तीनों इंजन और आठ वैगन पटरी से उतर गए। वारदात के कुछ मिनटों पहले ही इस मार्ग से विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर ट्रेन गुजरी थी। रेलमार्ग कम से कम दो दिन बंद रहेगा।

किरंदुल रेलवे यार्ड से दोपहर 3.30 बजे लौह अयस्क लेकर निकली मालगाड़ी ने रात 9.10 बजे कमलूर स्टेशन पार किया था। स्टेशन से ढाई किमी दूर कुपेर गांव के पास मोड़ पर नक्सलियों ने तीन फिश प्लेटें उखाड़ी दी थीं। जैसे ही मालगाड़ी वहां से गुजरी उसके तीनों इंजन और आठ वैगन पटरी से उतर गए। घटना के कुछ मिनटों पहले ही वहां से पैसेंजर गुजरी थी। इसलिए मालगाड़ी के चालक को इस तरह की किसी साजिश का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। हादसे में करीब 26 मीटर रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त हुआ और ओएचई वायर टूट गया है। मालगाड़ी के डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए हैं। माना जा रहा है कि नक्सलियों ने जानबूझकर पैसेंजर को जाने दिया।

वाकी टाकी लूटा : ओएचई टूटने के बाद ट्रेन को करंट मिलना बंद हो गया और चारों ओर अंधेरा छा गया। ड्राइवर पीआर सुधाकर और गार्ड यू श्रीधर जब तक संभल पाते जंगल से निकले 3 हथियारबंद नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया। दोनों के वाकी-टाकी और एक ट्राईकलर सिग्नल नक्सली लूटकर ले गए। ड्राइवर और गार्ड ने बताया कि मालगाड़ी के आसपास नक्सलियों ने गोंडी भाषा में लिखे कई बैनर-पोस्टर छोड़े हैं। ड्राइवर और गार्ड ने मोबाइल फोन से मुख्यालय को हादसे की सूचना दी। दोनों घुप अंधेरे में ट्रैक पर पैदल चलकर रात 11 बजे कमलूर स्टेशन पहुंचे। तत्काल रिलीफ ट्रेनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। साथ ही रेलवे के स्थानीय अधिकारी भी मौके के लिए निकल गए। कोरापुट से आई रिलीफ ट्रेन रविवार सुबह 10.30 बजे रवाना हुई।

कितना समय लगेगा : रेलवे सूत्रों के अनुसार सबसे पहले डीरेल हुए वैगन और इंजनों को ट्रैक से हटाया जाएगा। वैगनों में लदे अयस्क को खाली कर दिया गया है। रविवार दोपहर पौन बजे एक क्रेन मौके पर पहुंच गई थी। इंजन को देर शाम तक नहीं उठाया जा सका था। ट्रैक की मरम्मत और ओएचई सुधार कार्य शुरू हो गया है। इसमें करीब सौ कर्मचारी-अधिकारी लगे हैं। रेल ट्रैक पर यातायात सामान्य करने में दो दिन का समय लग जाएगा। माओवादियों ने घटना को अंजाम देने मोड़ वाली जगह का चुनाव किया था, जिसके कारण काम करने में दिक्कत आ रही है। हादसे में रेलवे को तीन करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मालगाड़ी का परिचालन बंद रहने से हर रोज और तीन-तीन करोड़ रुपए का नुकसान होगा। रेलवे सूत्रों के अनुसार ब्रिज मरम्मत करने वाले रेलवे अधिकारियों से लूटे गए औजारों का इस्तेमाल नक्सली कर रहे हैं।

हफ्ते भर नहीं चलेगी पैसेंजर : नक्सलियों के पीजीए स्थापना सप्ताह को ध्यान में रखते हुए अगले एक सप्ताह तक पैसेंजर रद्द रहेगी। मालगाड़ियां रात 8 से सुबह 6 बजे तक नहीं चलाई जाएंगी। दिन में भी जगदलपुर से किरंदुल के बीच मालगाड़ियों की रफ्तार निर्धारित रहेगी।





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