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भजनलाल की नई पार्टी

रोहतक. भजनलाल और उनके कांग्रेसी सांसद पुत्र कुलदीप बिश्नोई ने आज औपचारिक तौर पर पार्टी से नाता तोड़ लिया। भजन लाल को मुख्यमंत्री नहीं बनाने से खफा बिश्नोई ने अपनी नई पार्टी का नाम हरियाणा जनहित कांग्रेस रखा है और उगते हुए सूरज को पार्टी का चिह्न् बनाने का ऐलान किया।

वक्ताओं ने भजनलाल की इस रैली को ऐतिहासिक कहते हुए दावा किया कि यह हरियाणा में हुई अब तक की सबसे बड़ी रैली है। रैली में आई भीड़, जिनके लिए मूंगफली और देसी घी के हलवे का खास इंतजाम था, से उत्साहित बिश्नोई ने कई वादे कर डाले जो वे मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरा करेंगे!

‘जनता मुझे एक मौका दे ताकि मैं यह दिखा सकूं कि सारे राजनेता भ्रष्ट नहीं होते, और अगर मैं खरा नहीं उतरा तो जनता को अधिकार है कि वह मुझे और मेरे वर्करों को कभी अपने गांव या घर में ना घुसने दे।’ कहा बिश्नोई ने।

पार्टी का नाम व चिन्ह लोकार्पित :

दोपहर करीब 2. 37 बजे भजन लाल ने मंच के राइट साइड पर आठ फुट की प्लास्टिक की सफेद शीट पर अंकित पार्टी के चिन्ह उगता सूरज व पार्टी के नाम का पीला पर्दा हटाकर लोकार्पण किया। नई पार्टी के नाम की घोषणा के तत्काल बाद भजनलाल को उनके समर्थकों ने भगवान विष्णु की चांदी की प्रतिमा देकर ‘मानव रत्न’ की उपाधि से सुशोंिभत किया।

भजन के जाने का पार्टी पर असर नहीं :

कांग्रेस ने कहा है कि वरिष्ठ नेता भजन लाल के पार्टी छोड़कर चले जाने से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रविवार रात कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री को नसीहत देने के अंदाज में कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले बरबाद हो गए।

जिन्होंने इतिहास से सबक नहीं लिया वे उसे दोहराने पर निंदा के पात्र बनते हैं और यह जगजाहिर है कि जिन्होंने अपनी मूल पार्टी छोड़ी वे कहीं के नहीं रहे। सिंघवी ने भजन लाल और उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई के कांग्रेस छोड़ने और रोहतक रैली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला करने को लेकर यह टिप्पणी की।

कांग्रेस का पलटवार बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल की धड़कनों का, चीर कर देखा तो एक कतरा खूं भी न निकला हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना

जनहित नहीं, निजहित रैली

कांग्रेस सांसद डॉ. रामप्रकाश

जब उनका बेटा और भतीजा रैली में नहीं गए तो फिर कौन जाएगा, खोदा पहाड़ निकली चुहिया

सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा

सीएम का ख्वाब देखने वाले एक दिन के लिए सत्ता नहीं छोड़ सकते हैं, तो वे किस जनहित की बात सोच सकते हैं।

ओमप्रकाश चौटाला





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manoj
Tuesday, 4th Dec 2007, 8:46
this party is not fair. we have to chosse write party. at the moment congres is the right party. we all of them gave respect c.m. hudda party. from jas melbourne