कोटा. ई-पेमेन्ट नामक इस आधुनिक सेवा का कोटा के तीन पोस्ट ऑफिस में ट्रायल रन किया जा रहा है। अभी यह सुविधा केवल मुंबई जैसे बड़े शहरों में ही चल
रही है। इसमें शहर के सभी 24 पोस्ट ऑफिस को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में बीएसएनएल के बिलों को संग्रह करने के बाद भविष्य में यह सुविधा निजी मोबाइल कंपनियों को भी दी जा सकेगी।
* हमने शहर के 200 बड़े ऑफिस का सर्वे किया है, वहां से डाक एवं बिल संग्रह के लिए 5-5 डाक कर्मियों की मार्केटिंग टीमें गठित की हैं। हर माह 30 से 40 हजार बिलों के संग्रह से विभाग की आय बढेगी।
—दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रवर अधीक्षक
* इस संबंध में डाक विभाग का प्रस्ताव मिला है जिसे स्वीकृति के लिए सीजीएम आफिस भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने पर आगे कार्रवाई हो सकेगी।
—गुंजन सक्सेना, उपमहाप्रबंधक, बीएसएनएल
ई-पेमेन्ट सॉफ्टवेयर
डाक विभाग के इस आधुनिक सॉफ्टवेयर में मशीन से बार कोड को स्केन करके बिल जमा किए जाएंगे। इसमें जमा बिल का पूरा विवरण उपभोक्ता भी अपने कंप्यूटर पर देख सकेंगे। इस सुविधा के लिए उन्हें प्रति बिल पांच रुपए शुल्क देना होगा।
गांव-कस्बों में भी लागू करेंगे
कोटा में इसे लागू करने के बाद अगले चरण में इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के उन पोस्ट आफिस में भी बिल संग्रह शुरू किए जाएंगे, जो घाटे में चल रहे हैं।
पोस्टमैन को मिलेगा इंसेटिव
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घर-घर जाकर बिल संग्रह करने वाले पोस्टमैन को बिलों की संख्या के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
बीएसएनएल को दिया प्रस्ताव
डाक विभाग ने घरों से नई बिल संग्रह सुविधा शुरू करने के लिए बीएसएनएल को एक प्रस्ताव दिया है, जिस पर अधिकारियों ने उच्च स्तर से अनुमति मांगी है।