कोटा. जनजाति आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को कोटा के दशहरा मैदान में हुई आदिवासी समाज की महापंचायत में जमकर राजनीति के तीर
चले। केंद्रीय वन और पर्यावरण राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा ने कार्यक्रम में मौजूद राज्य की भाजपा सरकार के खाद्य व आपूर्ति मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें समाज का ‘जयचंद’ बता डाला और यह भी कहा कि ऐसे लोगों को गांवों में मत घुसने दो। उन्होंने गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के आकलन के लिए बनी चोपड़ा कमेटी के गठन में डॉ. किरोड़ी की सहमति होने का आरोप लगाया।
महापंचायत में किरोड़ीलाल मीणा भी आए थे, लेकिन वे नमोनारायण मीणा के बोलने से पहले ही अपना संबोधन करके जा चुके थे। डॉ.किरोड़ीलाल मीणा ने अपने संबोधन में चोपड़ा कमेटी को मरे हुए सांप की संज्ञा देते हुए यह कहा कि किसी भी सूरत में गुर्जरों के आरक्षण के पक्ष में चिठ्ठी नहीं जाने देंगे। उन्होंने गुर्जर आंदोलन से निबटने के लिए मुख्यमंत्री की भूमिका की भी खुलकर तारीफ की।
उन्होंने यह कहते हुए मंच पर बैठे विधायकों से हाथ खड़े करके समर्थन देने का आह्वान किया कि अगर आदिवासी समाज के आरक्षण हितों पर कोई भी आंच आई तो उन समेत समाज के सभी विधायक अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं। नमोनारायण मीणा भी हमारे साथ हैं। इस पर भाजपा विधायक हेमराज मीणा ने तो अपना हाथ खड़ा कर दिया।
कांग्रेस के विधायक रामनारायण मीणा ने हाथ खड़ा नहीं किया और नमोनारायण भी चुप बैठे रहे। डॉ. किरोड़ी अपना भाषण देकर तबीयत ठीक नहीं होने की बात कहकर तत्काल चले गए। इसके बाद नमोनारायण मीणा बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने डॉ.किरोड़ी के कथन को साफ झूठ बताते हुए कहा कि चोपड़ा कमेटी बनाने की जरूरत नहीं थी, लेकिन वसुंधरा राजे की तारीफ करने वाले कुछ जयचंदों के कारण ही कमेटी बनी।
चोपड़ा कमेटी भंग हो
मीणा महापंचायत में भाग लेने के बाद पत्रकार वार्ता में केन्द्रीय राज्यमंत्री नमोनारायण मीणा ने बताया कि महापंचायत ने तय किया है कि चोपड़ा कमेटी को तत्काल भंग किया जाना चाहिए, अन्यथा किसी भी मंत्री या मुख्यमंत्री को आदिवासी बहुल गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि महापंचायत में खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा के स्वर बदले हुए थे, लेकिन समाजबंधुओं के तेवर तीखे होता देख उन्होंने बात घुमाने का प्रयास किया। मीणा ने कहा कि चोपड़ा कमेटी का गठन असंवैधानिक है तो उसे भंग किया जाना चाहिए।
मन खट्टा : किरोड़ी
बूंदी. डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि रविवार को कोटा के मंच से केंद्रीय मंत्री द्वारा जो कुछ बोला गया, उसे सुनकर मन खट्टा हो गया। उन्होंने कहा कि मंच से जिस तरह कांग्रेस के नेताओं ने राज्य के मंत्रियों और विधायकों पर आरोप लगाए, वे बेबुनियाद हैं।
मंच से यहां तक कहा गया कि चोपड़ा कमेटी के गठन के समय हम लोगों की सहमति व हस्ताक्षर कराए गए थे, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार ने अपने स्तर पर निर्णय लेकर कमेटी बनाई थी। हालातों को देखते हुए लगता है कि कमेटी की रिपोर्ट में गुर्जरों के पक्ष में कुछ नहीं होगा। यह भी कह सकते हैं कि सरकार अपनी कोई ऐसी सकारात्मक रिपोर्ट नहीं भेजेगी। यदि ऐसा होता है तो वे लोग पद त्याग करने में एक मिनट भी नहीं लगाएंगे।
एक सवाल के जवाब में डॉ.मीणा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा आज महापंचायत के मंच से राज्य सरकार के मंत्रियों और जनजाति वर्ग के 22 विधायकों को जयचंद की संज्ञा देना उनको शोभा नहीं देता।