कोटा. नगर विकास न्यास और राजस्थान आवासन मंडल के अफसर शायद जनप्रतिनिधियों पर खासे मेहरबान हैं। मंडल बीते 20 सालों से आशियाना बनाने का
सपना संजोए 315 लोगों को मकान नहीं दे पा रहा है, जबकि महज एक वर्ष पहले पंजीकरण कराने वाले42 जनप्रतिनिधियों को मकान देने के लिए काफी सक्रियता दिखा रहा है। नगर विकास न्यास भी मंडल के कदमों का अनुसरण कर रहा है। कदाचित इसीलिए उसने आवासन मंडल को विवेकानंदनगर में जमीन देने पर सहमति जताई है। मकान लेने के इच्छुक जनप्रतिनिधियों में वर्तमान और पूर्व विधायकों के अलावा सासंद भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मंडल जमीन के अभाव में शहरी गरीबों को कम कीमत पर मकान देने वाली ‘द्वारकापुरी’ योजना भी शुरू नहीं कर पा रहा है।
जमीन नहीं फिर भी पंजीकरण : आवासन मंडल के पास जमीन नहीं होने के बावजूद वर्ष 2006 में इस योजना में 42 जनप्रतिनिधियों का पंजीकरण किया गया। उन्होंने मंडल पर दबाव बनाया तो नगर विकास न्यास से तुरत-फुरत जमीन लेने का निर्णय किया गया।
बढ़िया जमीन नेताओं को : बताया जाता है कि मंडल ने न्यास से शहरी गरीबों के लिए भी जमीन मांगी थी। न्यास ने जनप्रतिनिधियों के लिए तो विवेकानंदनगर में बढ़िया जमीन देने पर सहमति दे दी, लेकिन गरीबों के लिए सुभाषनगर के ‘लो लाइन’ क्षेत्र में जमीन दिखाई। यहां हमेशा पानी भरा रहता है। इस जमीन की दर भी अधिक बताई गई। ऐसे में जो मकान मंडल साढ़े तीन लाख रुपए में देना चाहता है, उसकी कीमत छह लाख से अधिक बैठेगी।
सरकार को करना है फैसला : नगर विकास न्यास ने आवासन मंडल को जमीन देने का तो फैसला कर लिया, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर होगा। मंडल अधिकारियों का कहना है कि मकान लेने के लिए संबंधित सांसदों व विधायकों को 25 लाख रुपए जमा करवाने होंगे। यदि राज्य सरकार भूखंड की दरें कम कर देती है तो मकान की दर भी कम हो जाएगी।
पंजीकृत जनप्रतिनिधि : यूनुस खान,, हरिशंकर भाभड़ा, भंवरलाल जोशी, स्वर्गीय अजरुनदास मदान, दयाकृष्ण विजय, हाजी कय्यूम खान, प्रमोद जैन भाया, निर्भयलाल यादव, जकिया, लक्ष्मण तानीवाल, शिवचरण सिंह, कन्हैयालाल पाटीदार, पृथ्वीसिंह, स्नेहलता, नरेंद्र नागर, ललितकिशोर चतुर्वेदी, प्रभुलाल वर्मा, मानसिंह चौहान, भरतसिंह, प्रहलाद गुंजल, जगमोहन सिंह, शिवजीराम मीणा, माहिर आजाद, श्रवणलाल, रेवतीप्रसाद कोली, रामस्वरूप कोली, मांगीलाल मेघवाल, नरेंद्र कंवर, हंसराज शर्मा, हीरालाल, ओमप्रकाश शर्मा, ओंकारलाल चौहान, गोकुलचंद शर्मा, शिवराम शर्मा, मदनलाल वर्मा, बनवारीलाल बैरवा, गोपाललाल धोबी, बंशीलाल गहलोत, बंशीलाल खटीक, भैरूलाल मीणा, निर्मल कुमार, कन्हैयालाल मीणा, ओंकारसिंह लखावत, देवीलाल, प्रेमसिंह दहिया, रामस्वरूप मीणा, उदयलाल आंजना, ईश्वरचंद, हुकुम राम, नफीस अहमद खान, ज्वालाप्रसाद शर्मा, प्रभुलाल शर्मा, रामप्रसाद, चुन्नीलाल जेलिया और दीपचंद राठौड़।
* नगर विकास न्यास से जमीन मिलने के संकेत मिल गए हैं। इसके आधार पर आवासन मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जैसे ही जमीन मिलेगी, मकानों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। द्वारकापुरी योजना के लिए जो जमीन दिखाई गई है, वह मकान बनाने के उपयुक्त नहीं है।
-सलामत अली, आवासन अभियंता राजस्थान आवासन मंडल, कोटा