जोधपुर. मैं राजेश त्रिवेदी जोधपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4 पर खड़ा हूं। वक्त रविवार सुबह 11 बजे का है, और थार एक्सप्रेस के पहुंचने का इंतजार कर
रहा हूं। पाक यात्रियों को लेकर आ रही इस ट्रेन की सुरक्षा में फिलहाल यहां कोई भी एजेंसी सक्रिय नहीं है। ट्रेन पहुंची। करांची (पाक) से आए एक यात्री हैजाइफ ने स्टेशन के दृश्य कैमरे में कैद किए और बगैर जांच-पड़ताल बाहर निकल गया।
पहले क्या होता था
- प्लेटफार्म नंबर एक पर आती थी थार एक्सप्रेस।
- प्लेटफार्म पर चाक-चौबंद रहती थी सुरक्षा व्यवस्था।
- यात्रियों के परिजनों व रिश्तेदारों को ट्रेन से दूर रखा जाता था।
- स्टेशन पर प्रवेश करने वालों की मेटल डिटेक्टर से जांच होती थी।
- पूरा इलाका बेरिकेड्स लगाकर सील किया जाता था।
- कस्टम व गुप्तचर पुलिस के आलाअधिकारी मौजूद रहते थे।
अब क्या हो रहा है
- थार एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार पर आती है।
- सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकताएं।
- परिजनों व रिश्तेदारों को ट्रेन के समीप जाने की छूट।
- सुरक्षा जांच के सभी उपकरण हटाए।
- बेरिकेड्स व सुरक्षा के इंतजामों की पाबंदी हटाई।
- कस्टम, आरपीएफ, जीआरपी व गुप्तचर एजेंसियां के अफसर नदारद।
सुरक्षा के लिए जरूरी
थार एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए मुनाबाव व भगत की कोठी स्टेशन पर 20 क्लोज सर्किट टीवी, मेटल डिटेक्टर, यात्री के सामान को जांचने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और वीजा व पासपोर्ट की जांच के लिए उपकरणों की आवश्यकता है। मुनाबाव में पुरानी एक्सरे मशीन से ही पाक यात्रियों के लगेज की जांच की जा रही है। वहां मेटल डिटेक्टर व डॉग स्क्वाड भी जांच कर रहे हैं।
* थार एक्सप्रेस में कैमरा, सीडी, वीसीडी व सौंदर्य प्रसाधन के लाने-ले जाने पर पाबंदी है। पाक नागरिक द्वारा रेलवे स्टेशन की फोटो खींचना वाकई गंभीर बात है। इस मामले में कस्टम विभाग को जांच करनी चाहिए।
- एस.के.सूद, डीआरएम, जोधपुर मंडल
* रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा इंतजाम जीआरपी व आरपीएफ को ही करने होते हैं। हमारा काम तो निगरानी व अवांछनीय गतिविधियों पर नजर रखना है।
-अमृत कलश, एसपी, सीआईडी जोन
* सुरक्षा में सबसे बड़ी दिक्कत लगेज है। लगेज कम करने के लिए रेलवे बोर्ड व डीआरएम को कई बार पत्र लिख चुके हैं, मगर कोई निर्णय नहीं होने से लगेज बढ़ता ही जा रहा है। इतना लगेज चैक करना काफी मुश्किल होता है।
- अशोक पाटनी, एसपी, जीआरपी
* सुरक्षा व्यवस्था पहले जैसी ही है। बदलाव नहीं किया गया है।
-देवराज मौर्य, मंडल सुरक्षा आयुक्त
सुरक्षा एजेंसियां लापरवाह
मादक पदार्थ व जाली नोट की तस्करी के कई मामले उजागर होने के बाद तय किया गया था कि थार के यात्री बगैर जांच के बाहर नहीं निकल सकते और कोई भी मेजबान उनके स्वागत के लिए बगैर जांच के प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच सकता। रविवार को ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।