नई दिल्ली. शहरों की चरमराती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर ‘ग्रीन ट्रैवल हैबिट’ का विकास करने के लिए देश के आठ शहरों को 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद दी जाएगी। शहरों का चयन इंदौर, जालंधर, अजमेर, अहमदाबाद, रायपुर (नया), पुणो, हैदराबाद, बेंगलूर, मैसूर, विजयवाड़ा और त्रिवेंद्रम जैसे 11 शहरों में से किया जाएगा। शहरों का चुनाव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय करेगा। चयन का आधार 11 शहरों द्वारा भेजी जाने वाली योजना रपट होगी। मंत्रालय ने सभी शहरों को अपनी योजना रपट अगले साल मई से पहले भेजने को कहा है।
केंद्रीय शहरी विकास सचिव एम रामाचंद्रन ने बताया कि 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्त एजेंसियों से फिलहाल बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिग के प्रति भारत की जवाबदेही के तहत ‘ग्रीन ट्रैवल हैबिट’ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए 30 शहरों में एक पायलट स्टडी भी कराई जा रही है।
कुछ खास बातें
- अगली पंचवर्षीय योजना में शहरी यातायात सुधार के लिए 1,32,590 करोड़ रुपए का आंकलन किया गया है। इनमें से 32 हजार करोड़ रुपए मेट्रो और 38 हजार करोड़ रुपए बस सेवा योजना के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
- शहरी विकास मंत्रालय ने एकीकृत परिवहन प्राधिकरण बनाने के लिए कार्यबल का गठन भी कर दिया है। यह 10 लाख की आबादी वाले सभी शहरों के बारे में अपनी राय देगा।