अजमेर. राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता एवं पूर्व केन्द्रीय रक्षा मंत्री जसवंतसिंह ने राजस्थान में पार्टी के असंतुष्टों के नेतृत्व के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि
प्रदेश में भाजपा की ‘लीडरशिप’ भगवान भरोसे है।
मेयो कॉलेज के सालाना जलसे में शिरकत करने रविवार को अजमेर आए सिंह ने खबरनवीसों से बातचीत के दौरान ‘रियाण’ प्रकरण से जुड़े सवाल पर सफाई दी कि उनके खिलाफ कार्रवाई के पीछे क्या भावना है, इस बारे में मीडिया ज्यादा जानता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘मेरा असंतुष्टों की गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है’।
मालूम हो कि जसवंतसिंह के पुत्र सांसद मानवेन्द्रसिंह ने शनिवार को मेयो कॉलेज में ही आरोप लगाया था कि ‘कड़वा केसर’ प्रकरण में वसुंधरा सरकार उनके पिता के खिलाफ द्वेषतावश कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में सत्ता और संगठन की लीडरशिप के सवाल पर जसवंतसिंह ने आसमान की ओर इशारा करते हुए ‘सब भगवान भरोसे’ है।
निवेश के एमओयू पर चुप्पी
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंतसिंह ने राजस्थान रिसर्ज्ेट में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक के एमओयू संबंधी सवालों पर चुप्पी साधे रखी। बार-बार पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत और प्लानिंग का अध्ययन करने के बाद ही साफ होगा कि इससे प्रदेश का परिदृश्य किस हद तक बदल सकेगा।
बच्चन परिवार की फिक्र..
फिल्म स्टार अभिषेक बच्चन की शादी के खर्च को लेकर सर्विस टैक्स संबंधी नोटिस देने की जसवंतसिंह ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बच्चन परिवार देश का जाना माना परिवार है। जया बच्चन बेहतरीन अभिनेत्री रही हैं। हरिवंश राय बच्चन और अमिताभ बच्चन का खास मुकाम है। यदि बच्चन परिवार को परेशान करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है तो इसका विरोध किया जाएगा। सिंह ने कहा कि जब जया बच्चन ने अभिषेक की शादी के खर्च पर सर्विस टैक्स संबंधी सवाल उठाया था, उस समय वे राज्यसभा में नहीं थे।
नंदी नहीं, निंदनीय ग्राम
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में हुए गोलीकांड को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंतसिंह ने कहा कि नंदी तो भगवान शिव का वाहन था, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने जो कुछ वहां किया है, उससे अब यह गांव निंदनीय गांव हो गया है।