bhaskar Web English
HomeNewsNational National

जासूसी उपग्रह रोका

नई दिल्ली. भारत ने अमेरिकी दबाव के कारण इजरायल की मदद से निर्मित जासूसी उपग्रह ‘टेकसार’ का प्रक्षेपण रोक दिया है। सिंथेटिक अपर्चर राडार (सार) से लैस ‘टेकसार’ को अक्टूबर अंत या नवंबर में प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में पीएसएलवी पर स्थापित कर दिया गया था। इजरायल के साथ समझौते से जुड़े अधिकारी ने अमेरिकी दबाव से इनकार किया।

पूरे कार्यक्रम से जुड़े तीन सूत्रों ने अमेरिकी हस्तक्षेप की पुष्टि की है। ‘इसरो’ इसका सशुल्क प्रक्षेपण करने वाला था, किंतु खींची जाने वालीं तस्वीरें भारत को भी प्राप्त होनी थीं। तस्वीरों को डिफेंस इमेज प्रोसेसिंग एंड एनालिसिस सेंटर द्वारा विकसित किया जाना था। इससे हमें रेल लाइन, नई सड़कों व परमाणु ठिकानों के निर्माण के एक मी. से भी कम रिजॉल्यूशन के चित्र मिल सकेंगे।

कैसे काम करता है ‘सार’ :

सिंथेटिक अपर्चर राडार (सार) से लैस उपग्रह बादलों व धूलभरे तूफानों को भेदनेवाली माइक्रोवेव बाहर भेजता है। बादल होने पर परंपरागत ऑप्टिक चित्र धुंधले हो जाते हैं, जबकि ‘सार’ ऐसी परिस्थितियों में सब मी. रिजॉल्यूशन वाली तस्वीर खींच लेता है।

घुसपैठ रोकने में मददगार :

कारगिल युद्ध के समय ‘सार’ की कमी महसूस की गई थी। तब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारतीय चोटियों पर कब्जा कर लिया था, लेकिन भारतीय एजेंसियों को इसका पता नहीं लगा। दूर संवेदी उपग्रहों और जासूसी विमानों द्वारा भेजी र्गई धुंधली तस्वीरों से जमीनी गतिविधियों का पता नहीं चल पाया था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: