उदयपुर. देवाली क्षेत्र में पांच दिनों पूर्व हुई महिला की संदिग्ध मौत के मामले में अभियुक्त उसका पति ही निकला। उसका कहना नहीं मानने पर उसने पत्नी की गला
दबाकर हत्या कर दी और बाद में उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि 27 नवंबर की रात देवाली निवासी बसंती (३५) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अगले दिन सुबह मौत के रहस्य को छिपाने के लिए पति मनोज ने मोक्ष रथ मंगवाकर शव को श्मशान ले जाने की तैयारी कर ली थी, किंतु पड़ोसियों की सजगता से मोक्ष-रथ को रोक कर पुलिस को सूचना दे दी गई। पुलिस ने मनोज को उसके बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विवाहिता की मौत गला घोंटने से होना पाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने मनोज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने मनोज से काफी पूछताछ की, लेकिन पिछले पांच दिनों से टालमटोल करने के बाद रविवार को आखिरकार उसने पत्नी की हत्या करना कबूल कर लिया।
झगड़े के बाद गला घोंट दिया
मनोज ने बताया कि तीन महीने से वह खान एवं भू विज्ञान विभाग में नौकरी पर नहीं जा रहा था। वहां लिपिक के पद पर नौकरी करता था। लंबे अवकाश के कारण विभाग ने उसकी डेढ़ महीने की छुट्टियों का वेतन भी नहीं दिया। वेतन के रुपए को लेकर पत्नी से झगड़ा बढ़ गया था।
घटना की रात 27 नवंबर को मनोज जब देवाली स्थित मकान पर पहुंचा तो रुपए तथा नौकरी पर नहीं जाने को लेकर फिर झगड़ा हुआ। एक बार समझाइश करने के बाद मनोज बाजार में गया तथा शराब पीकर घर लौट गया। कमरा बंद करने के बाद फिर दोनों के बीच विवाद हुआ। इस पर बसंती घर छोड़कर जाने की बात पर अड़ गई। पंद्रह मिनट तक दोनों के बीच हाथापाई व धक्का मुक्की चलती रही। इससे बसंती के सिर व हाथ सहित अन्य जगह चोटें भी र्आई।
बसंती ने जब दरवाजे की चिटकनी खोलकर बाहर जाने की कोशिश तब धक्का मुक्की में दरवाजे की चिटकनी टुट गई। समझाने पर नहीं मानने पर मनोज ने आवेश में आकर बसंती को पलंग पर गिरा दिया और गला दबा दिया। उसने पांच मिनट तक गला दबाये रखा। कुछ देर छटपटाने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
प्रेमविवाह किया था
मनोज ने पुलिस को बताया कि वह बसंती के पूर्व पति सुरक्षा गार्ड लेजमसिंह से पूर्व से परिचित था। इसी कारण उसके घर आना जाना था। लेजमसिंह के साथ वह रुपयों का लेनदेन भी करता था। लेजमसिंह के घर आने जाने के दौरान ही उसका बसंती से परिचय हुआ। धीरे-धीरे यह परिचय प्यार में बदल गया।
गौरतलब है कि छह वर्ष पूर्व बसंती ने अपने पति लेजमसिंह व पांच बच्चों को छोड़कर मनोज के साथ प्रेमविवाह कर लिया था।
दीपक जलाकर बैठा रहा शव के पास
पत्नी की मौत के बाद उसने पास वाले कमरे में दोनों बच्चों के साथ सो रही मां मधु शर्मा को बसंती की मौत की जानकारी दी। किंतु मां ने उनके रोज-रोज के झगड़े के कारण बात को गंभीरता से नहीं लिया। रात को मनोज ने पत्नी के शव के पास दीपक जलाया और रात भर उसके पास ही बैठा रहा। रात को ही उसने शव को श्मशान ले जाने तथा लकड़ियों व घी सहित पूरी व्यवस्था की योजना बना ली।
आत्महत्या का रूप देने का प्रयास
पत्नी की हत्या करने के बाद एक बार तो मनोज सकते में आ गया और सिर पकड़ कर शव के पास बैठ गया। इसके बाद हत्या को फांसी का रूप देने के लिए उसने साड़ी को रोशनदान में बांधकर शव को फंदे में लटकाने का प्रयास किया। शव उससे उठ नहीं पाया तो वापस लिटा दिया और फांसी लगाने के लिए तैयार किये फंदे को काट दिया ताकि पुलिस को सुबह यह बताया जा सके कि मौत फांसी लगाने से हुई है।