तिरुपति. गाय का दूध पीने वाले बच्चों में अन्य बच्चों की तुलना में बेहतर बौद्धिक क्षमता होती है। यह कहना है कि गुजरात विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हितेश जानी का।
उन्होंने 'गोमाता की महिमा' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन 'ग्रामीण समुदाय के लिए पर्यावरण हितैषी और सरल प्रबंधनीय गाय सुरक्षा केंद्र'पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि गाय के दुग्ध उत्पादों के सेवन से कोलेस्ट्रल स्तर घटने के अलावा बौद्धिक क्षमता भी बढती है।
प्रो.जानी ने कहा कि गोमूत्र से टीबी का ईलाज करने की दिशा में भारतीय अनुसंधानकर्ता पश्चिमी देशों के अनुसंधानकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां गाय की 31 नस्लें तो उपलब्ध हैं ही 'ब्राहमण गाय' के नाम से प्रसिद्ध गाय की मूल नस्ल की भी कुछ गायें उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि ब्राहमण प्रजाति की मात्र 6000 गाय ही अभी उपलब्ध है जो इटली, ब्राजील तथा अन्य देशों में पाई जाती हैं।
इस अवसर पर तमिलनाडु में इरोड के ग्रामीण समुदाय कार्यकेंद्र के अध्यक्ष ने कहा कि पंचगव्य न केवल बीमारियों में बल्कि कृषि कार्य में भी इस्तेमाल होता है।