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भारत बुनियादी ढांचे में फिसड्डी: निलेकणि

नई दिल्ली. अग्रणी साफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस के कार्यकारी सह अध्यक्ष नंदन एम निलेकणि ने आज कहा कि हालांकि भारत सक्रिय लोकतंत्र स्थापित करने में भारत बुनियादी ढांचे में फिसड्डी: निलेकणिकामयाब रहा लेकिन सड़क और अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के अपेक्षाकृत आसान काम में वह विफल रहा है।

श्री निलेकणि यहां विश्व आर्थिक मंच और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित भारत आर्थिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अलबत्ता आमतौर पर वक्ताओं की राय थी कि उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना में बुनियादी ढांचे की कमी ही एकमात्र बाधा नही है बल्कि कई और कारण इसे प्रभावित कर रहे हैं। उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना में आने वाली बाधाओं का उल्लेख करते हुए श्री निलेकणि ने कहा कि इन अड़चनों में बुनियादी ढांचे की कमी, शहरीकरण की उपेक्षा और देश के भीतर खंडित बाजार है।

अमरीका के एक्सेन्चर के मुख्य परिचालन अधिकारी स्टीफन जे रोलेडर ने कहा कि उत्कृष्ट केन्द्रों की सफलता के लिए मानव पूंजी को स्थापित करना, शिक्षित आधार मजबूत करना, विश्वसनीय बुनियादी ढांचा, स्थिर लोक नीति, उद्यमशीलता की भावना तथा वित्तीय पूंजी हासिल करने और कायम रखने की कुशलता जरुरी है।

श्री रोलेडर का कहना था कि यदि भारत की जन नीति में सुधार की प्रतीक्षा की जाती है तो वह पीछे रह जाएगा लेकिन निजी क्षेत्र की इस क्षेत्न में महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि भारत उत्कृष्ट केन्द्रों के निर्माण में आने वाली प्रशिक्षित मानव संसाधनों की सबसे बड़ी बाधा से निबटने में कामयाब रहा है। इसी तरह अमरीका की कोका कोला कंपनी के अध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी एम ए केंट ने कहा कि भारतीय प्रबंधकों का बहुत सकारात्मक ²ष्टिकोण है। उन्हें विश्व संस्कृति की पूरी जानकारी है और वे बहुत सक्रिय हैं।

श्री केंट ने कहा कि भारतीय प्रबंधक वैश्विक कारोबार का प्रबंधन करते रहेंगे तथा भारत में भी कारोबार को प्रभावित करेंगे। उनका मानना था कि भारत आईटी, मनोरंजन और दूरसंचार के क्षेत्रों में सफलता के बाद खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, हेल्थकेयर, मसाले और रिटेल के क्षेत्रों में उत्कृष्ट केन्द्र स्थापित कर सकता है।





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