अमृतसर. गहराते बिजली संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने विभिन्न सरकारी विभागों को हिदायत जारी की है कि वह बिजली बचाने के लिए कंपैक्ट फ्लोरिसेंट
लैंप (सीएफएल) लगाने के साथ-साथ सौर ऊर्जा योजना का इस्तेमाल करें। माना जा रहा है कि अगर इस फरमान को अमली जामा पहना दिया गया तो अगले दो महीनों में 35 से 70 फीसदी बिजली बचाई जा सकेगी।
किन्हें जारी हुआ नोटीफिकेशन
जिला प्रशासन ने सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी), जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री), नगर-निगम के कमिश्नर, जिला विकास और पंचायत अधिकारी, पीडब्ल्यूडी विभाग, जिला खेतीबाड़ी अधिकारी और डिवीजनल टाऊन प्लानर को नोटीफिकेशन जारी किया है। इसमें विबागों को बिजली बचाने के उपाय करने के लिए कहा गया है।
कैसे बचाएं बिजली
प्रशासन ने न्यू एंड रिन्यूल सोर्सिस आफ एनर्जी एंड एनर्जी कंजरवेशन (एनआरएसई) प्रोग्राम के अधीन उक्त हिदायत जारी की है। इसमें सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सीएफएल बल्ब, बीआईएस मार्क के मोटर पंप, पावर कंपैस्टर और रिफलैक्टर वाल्वस का प्रयोग कर बिजली बच सकती है।
डीसी आफिस से हुई शुरुआत
डीसी काहन सिंह पन्नू ने बताया कि इस प्रोग्राम की शुरुआत उनके कार्यालय से की गई है। सबसे पहले कार्यालय में सीएफल बल्ब और ट्यूबें लगाई गई हैं। इसके लिए कोई विशेष ग्रांट आदि की व्यवस्था नहीं की गई। हरेक सरकारी विभाग के पास एक बजट होता है, जिससे खर्च चलाए जाते हैं। उसी में से थोड़े पैसे खर्च करके सीएफएल बल्ब व अन्य उपकरण खरीद कर बिजली बचाने वाले उपकरण खरीदे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो महीनों के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में सीएफएल बल्ब लगा दिए जाएंगे।