अमृतसर. भास्कर से हुई बातचीत के दौरान कुणाल कपूर ने बताया कि अमृतसर के साथ उनका पुराना नाता है। यहां उनका ननिहाल हैं। उनकी बुआ भी शहर में
रहती हैं, इसलिए वह बचपन में हर समर वैकेशन में अमृतसर आते थे। उन्होंने कहा कि यहां की हर बात खास है। खुले दिल के लोग, जिंदादिली और गर्मजोशी भरा स्वभाव उन्हें बहुत अच्छा लगता है। इसके अलावा ट्रेडिशनल अमृतसरी खाने का तो कोई जवाब ही नहीं। उन्होंने कहा कि वह अमृतसर को कभी नहीं भूल पाएंगे।
कुणाल इससे पहले फिल्म ‘रंग दे बसंती’ की शूटिंग के लिए भी आमिर खान के साथ शहर आ चुके हैं। यहां पूरी टीम के साथ उन्होंने जमकर मस्ती की थी। उनका कहना है कि वह आज भी होटल के उसी कमरे में ठहरे हैं, जिस कमरे में ‘रंग दे बसंती’ की टीम ठहरी हुई थी। इससे उनकी पुरानी यादें आज फिर ताजा हो गई। कुणाल ‘मीनाक्षी’, ‘रंग दे बसंती’, ‘लागा चुनरी में दाग’ और ‘आजा नच ले’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं।
कुणाल ने बताया कि ‘रंग दे बसंती’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने ‘छज्जू के ढाबे’ पर खाना खाया था, उसका स्वाद उन्हें आज भी याद है। कुणाल ने बताया कि वह अलग-अलग तरह के रोल करना चाहते हैं और हर बैनर्स के साथ काम करना चाहते हैं। ‘आजा नच ले’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह उन फिल्मों में से है, जिसकी शूटिंग खत्म होने पर उन्हें अफसोस हुआ।
फिल्म में काम करने का एक्सपीरिएंस काफी अच्छा रहा खासकर माधुरी के साथ। उन्होंने कहा कि माधुरी और तब्बू जैसी बड़ी हिरोइनों के साथ काम करके उन्होंने जाना कि आदमी भले ही कितना बड़ा क्यों न हो जाए उसे इंसानियत को नहीं भूलना चाहिए। कुणाल अमीर खान को अपना फेवरेट को-एक्टर मानते हैं। फेवरेट को-एक्ट्रेस के बारे में उनका कहना है कि यह बदलती रहती है। उन्होंने कहा कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वह गोल्डन टेंपल जरूर जाना चाहेंगे।