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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. तकनीकी शिक्षा विभाग ने माना रायपुर, भिलाई, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, कुरुद, बस्तर तथा अंबिकापुर की आईटीआई को सेंटर आफ एक्सीलेंस (सेए) का विशेष दर्जा दिया है।
इन आईटीआई में अलग-अलग सेक्टर को शामिल किया गया है। जिसमें एक साल के प्रशिक्षण के तहत 6 माड्यूल में 8 सप्ताह का निर्धारित उन्नत प्रशिक्षण तथा दूसरे चरण में एडवांस माड्यूल के जरिए 6 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतिम चरण में स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार 6 माह की शाप फ्लोर ट्रेनिंग दी जाएगी।
उच्च शिक्षा व तकनीकी राज्य शिक्षा मंत्री डा. कृष्णकुमार बांधी ने बताया कि ‘सेए’ में प्रशिक्षण के बाद सफल युवाओं को राष्ट्रीय स्तर का एनसीवीटी सर्टिफिकेट मिलेगा जो राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय उद्योगों में रोजगार के लिए सहायक होगा।
प्रशिक्षण के बाद युवाओं को भारतीय रेल, स्टील प्लांट, सीमेंट प्लांट, पावर प्लांट, केमिकल प्लांट, एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज, तेल शोधक कारखानों, जहाज निर्माण, स्पेस उपकरण निर्माण, युद्ध सामग्री निर्माण कारखाने तथा अन्य छोटे बड़े उद्योगों में रोजगार के दरवाजे खुल जाएंगे।
श्री बांधी ने बताया उद्योगों में आवश्यकता के अनुरूप कुशल तकनीशियन व कामगारों की पूर्ति करने यह निर्णय लिया है। जल्द ही 6 अन्य आईटीआई को भी ‘सेए’ का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा वर्तमान में प्रदेश की 87 आईटीआई में वर्तमान में 12 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड में आईटीआई शुरू करना विभाग का लक्ष्य है।