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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. सरकार के चार साल पूरा होने का जश्न मना रहे मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह आज दोपहर बाद अचानक हेलिकाप्टर से मैनपुर ब्लाक के ग्राम बेहराडीह में उतर गए। संरक्षित कमार आदिवासियों की बहुलता वाले इस गांव में जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे, ग्रामीणों की भीड़ लग गई। डा. सिंह ने उनसे सीधी बात की। तीन रुपए किलो चावल की योजना के बारे में भी बताया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि इस योजना के तहत हर गरीब परिवार को 35 किलो चावल का पैकेट दिया जाएगा। कोई गड़बड़ी हुई तो ग्रामीण उन्हें पत्र से शिकायत कर सकते हैं। इस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान उनके साथ प्रमुख सचिव विवेक ढांड और संयुक्त सचिव अमन सिंह भी थे।
बेहराडीह ग्राम पंचायत बोइरगांव का आश्रित गांव है तथा मैनपुर ब्लाक से 7 किमी दूर है। इसके बावजूद वहां बिजली नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस बात को गंभीरता से लिया और तत्काल 40 खंभों को मंजूरी दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनवरी से बिजली पहुंच जाएगी।
बोइरगांव के ही एक अन्य आश्रित गांव झरियाबहार के मिडिल स्कूल को हाईस्कूल बनाने का वादा भी उन्होंने किया। गांव में एक बच्च आंख की बीमारी से जूझता हुआ मिला। मुख्यमंत्री ने उसका रायपुर में सरकारी खर्च पर इलाज का ऐलान करते हुए बच्चे को जल्दी रायपुर लाने के लिए कहा।
ग्रामीणों ने बताया नजदीकी गांव खातूडीही और ताराझार में शिक्षाकर्मी स्कूल नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए दोनों को हटाकर नए शिक्षाकर्मी भर्ती करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि गांव के ही युवक-युवती की भर्ती हो तो बेहतर होगा। उन्होंने आठवीं पास कमार आदिवासी शिवकुमार को नजदीक के आश्रम स्कूल में चपरासी की नौकरी देने की घोषणा की।
दो-तीन साल में हीरा उत्खनन का प्रयास :
बेहराडीह वही गांव है, जहां किंबरलाइट पाइप की पुष्टि हो चुकी है तथा जमीन की ऊपरी सतह पर हीरे मिलने की चर्चाएं हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों और ग्रामीणों से कहा कि अगले दो-तीन साल में वहां उत्खनन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका व्यवधान दूर किया जाएगा।