जालंधर. इंटरनैट पर ई-मेल के जरिए धोखाधड़ी का गौरखधंधा चलाने की शिकायत पर चीफ ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट वीरेन्द्र अग्रवाल की कोर्ट ने थाना चार पुलिस को केस रजिस्टर्ड करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह मामले की गहनता से जांच करे और कार्रवाई रिपोर्ट 8 जनवरी 08 से पहले कोर्ट में सबमिट करे। फ्राड मामले में 10, न्यू अमरीक नगर, जालंधर निवासी गुरप्रीत सिंह भाटिया ने पुलिस से असंतुष्ट होकर वकील अरविंद शारदा के जरिए आईपीसी की धारा 420, 467, 468 व 120-बी के तहत सीधे कोर्ट में शिकायत दाखिल की है। निजी बीमा कंपनी में यूनिट मैनेजर पद पर कार्यरत गुरप्रीत सिंह भाटिया ने आरोपी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई व ठगी गई राशि 55,100 रुपए रिकवर कराने की मांग की है।
10 लाख की लाटरी का झांसा
गुरप्रीत सिंह भाटिया के अनुसार वह इलैक्ट्रोनिक मेल (ई-मेल) सर्विस ‘याहू’ का अपने आईडी कोड ‘जीएसभाटिया82एट द रेटयाहू.काम’ के जरिए रैगुलर उपयोग करता है। 24 सितंबर 07 को उसे ई-मेल आई कि उनका 10 लाख पाऊंड स्टरलिंग का ईनाम निकला है। ई-मेल में ड्रा निकालने वाली कंपनी का नाम माइक्रोसॉफ्ट ऑनलाइन लॉटरी, (यूनाईटेड किंग्डम) बताया गया और भारत में लाटरी ड्रा के आयोजक की आईडैंटिटी महाराष्ट्र के जिला ठाणो (मुबंई) के डी/104, मरक्यूरी टावर, नजदीक तनवर अस्पताल, मीरा बॉयंडर रोड निवासी नवीन नागपाल शैट्टी के रूप में बताई गई।
ऐसे ठगे गए गुरप्रीत
ई-मेल के जरिए हुई वार्ता में गुरप्रीत को ईनाम राशि पाने के लिए 55,100 रुपए फीस देने के लिए कहा गया। खुद को नवीन नागपाल बताने वाले व्यक्ति ने अपना मोबाइल नंबर 09324211653 बताया और इस पर बातचीत की। मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में उसने अपना खाता नंबर 002805003222 (आईसीआईसीआई बैंक) का बताया, जिसमें गुरप्रीत ने 55,100 रुपए जमा करा दिए। इसके बाद गुरप्रीत ने नवीन के साथ कई बार संपर्क किया लेकिन उसने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
शिकायत सुन हंसी पुलिस
गुरप्रीत के अनुसार ठगी महसूस होने पर उन्होंने थाना चार की पुलिस को सारी व्यथा बताई, लेकिन वहां उनकी शिकायत को सुनकर ठहाके लगाए गए। थाना चार के बाद वह ठाणे (मुंबई) अधीन थाना कनाकिया में रिपोर्ट दर्ज कराने गए। गुरप्रीत के अनुसार वहां उनकी सारी व्यथा सुनी गई लेकिन घटना क्षेत्र न होने के कारण कार्रवाई से इंकार कर दिया गया।