इंदौर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मदनदास देवी ने कहा आजादी के बाद साम्राज्यवाद खत्म हो गया पर वह मानसिकता और आर्थिक स्वतंत्रता आज भी भारत सहित विकासशील देशों के लिए गंभीर विषय बना हुआ है। हमारी शक्ति कृषि क्षेत्र में है पर उसे सेज के नाम पर नष्ट किया जा रहा है। किसान के पास से जमीन चली जाएगी तो उसकी जीवन-शैली का होगा क्या?
यह बात उन्होंने शुक्रवार को स्नेहनगर स्थित इल्वा स्कूल में स्वदेशी जागरण मंच के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आरंभ करते हुए कहीं। उद्घाटन सत्र में देशभर के 1200 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सह सरकार्यवाह ने कहा डब्ल्यूटीओ का अर्थ भारत के लिए विश्व व्यापार संगठन नहीं वेस्टर्न व्यापार संगठन है।
संगठन में लाबिंग वो करे, नियम वो बनाए उस पर भारत पर यह दवाब कि हम गैर कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोल दें। विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र (सेज) पर उन्होंने कहा यह किसानों से जमीन लेने का हथकंडा है। कृषि प्रधान देश के किसानों के पास से जमीन ही चली जाएगी तो उनकी जीवन शैली का क्या होगा।
ग्लोबल वार्मिग को उन्होंने विश्व के लिए वार्निग बताते हुए कहा यह सब वैश्वीकरण के कारण हो रहा है। जमीन से पानी सूख रहा है और रसायन अंदर जा रहे हैं। अध्यक्षता कर रहे मंच के राष्ट्रीय संयोजक मुरलीधर राव ने कहा समाज में ही एक व्यक्ति की आय करोड़ों में है वहीं देश की 80 प्रतिशत आबादी को गुजारा करना मुश्किल हैं। यह मनमोहनसिंह व चिदंबरम के आर्थिक विकास का सच है। बीएमडब्ल्यू कार में प्रतिवर्ष ब्याज दर कम हो रही है और ट्रैक्टर में वर्षों से वहीं है
राष्ट्रीय संचालक अरुण ओझा ने भी संबोधित किया। शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस अवसर पर मंच के सह संयोजक योगानंद काले, एस.एस. गुरुमूर्ति, सरोज मित्र, चिंतक व विचारक गोविंदाचार्य, भारतीय मजदूर संघ के रामप्रकाश मिश्र, विद्या भारती के अ.भा.मंत्री लक्ष्मीनारायण भाला, संस्कार भारती संरक्षक जगदीश पाल, सहकार भारती संगठन मंत्री सूर्यकांत केलकर, ग्राहक पंचायत के सोमनाथ केडकर, अभय महाजन, सुंदरसिंह शक्रवार उपस्थित थे।