इंदौर. इंदौर में करीब 8.45 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बड़े शहरों की तरह दो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की, जिसमें अलग-अलग आरटीओ व स्टाफ हो। मौजूदा आरटीओ दफ्तर में भी स्टाफ की कमी जल्दी दूर की जाएगी।
परिवहन आयुक्त एन.के. त्रिपाठी ने आरटीओ दफ्तर, केसरबाग रोड पर संवाददाताओं से चर्चा में कहा शासन को भी दो आरटीओ के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया 2005-06 में इंदौर के नए आरटीओ भवन के लिए स्वीकृत चार करोड़ रुपए जमीन नहीं मिलने के कारण लेप्स हो गई जो इंदौर की प्रतिष्ठा के विपरीत और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि डाइट, बिजलपुर के अलावा चोइथराम के आसपास जमीन तलाशी जा रही है लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रदेश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले शहर का आरटीओ दफ्तर जर्जर भवन लगने पर श्री त्रिपाठी ने कहा समस्या का निदान जल्द होगा। डीलर पाइंट रजिस्ट्रेशन में किसी डीलर द्वारा रुचि नहीं दिखाने पर उन्होंने कहा इसमें कुछ दिक्कतें हैं, जो दूर की जाएंगी।