भोपाल. इसे जमीन के रिकार्ड में गड़बड़ी का चौंका देने वाला मामला कह सकते हैं। सन् 1949 से मध्यप्रदेश के गठन के बीच यहां की 18 अरब से ज्यादा मूल्य वाली चार गांवों की जमीन को अनाधिकृत रूप से नवाब भोपाल और उनके परिवार के नाम अभिलिखित कर दिया गया।
यह तथ्य सामने आने पर कलेक्टर की अदालत ने टाइगर के नाम से मशहूर पूर्व क्रिकेटर नवाब मंसूर अली खां पटौदी सहित उनके तीन रिश्तेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। मामले की सुनवाई आगामी 8 जनवरी को होगी।
यह था मामला :
सन् 1949-50 से 1955-56 के बीच नवाब हमीदुल्ला खां और उनके परिवार के नाम भोपाल जिले में 18 अरब 73 करोड़ से अधिक मूल्य की करीब 11 सौ एकड़ से अधिक भूमि अभिलिखित की गई थी। मर्जर एग्रीमेंट के तहत यह भूमि शासन के नाम होना थी, जबकि ऐसा नहीं हो सका और इसे निजी मान कर अब तक इसका विक्रय किया जाता रहा।
आलम यह रहा कि शासन ने भी जमीन को अशासकीय मानते हुए उसकी बिक्री के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिए। इनका भू-अर्जन होता रहा और जमीन के मालिक के रूप में लोगों को मुआवजे का भुगतान भी किया गया।
ऐसे सामने आई हकीकत :
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले के बेहटा, बोरवन, लाउखेड़ी, हलालपुर व निशातपुरा क्षेत्रों में करीब 1116 एकड़ भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा गत 31 अगस्त 2004 को दिए गए आदेश के पालन में राज्य शासन द्वारा जांच कराई गई।
प्रमुख सचिव राजस्व समेत नजूल के अफसरों द्वारा की गई अभिलेखों की जांच में पाया गया कि उक्त ग्रामों की जमीन वर्ष 1949-50 से 1955-56 के मध्य मर्जर एग्रीमेंट के तहत शासन की संपत्ति दर्ज होना थी, किंतु ऐसा नहीं हुआ और नवाब भोपाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम होती रहीं।
इधर, जानकार आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जब नवाबी शासन काल का विलय हुआ उस दौरान अधिकांश दस्तावेज उर्दू और अरबी भाषा में थे। बाद में इनका अंग्रेजी और हिंदी में अनुवाद कराया गया। कई पटवारी और नजूल अधिकारी उर्दू न समझ पाने के कारण जमीनों की वास्तविक स्थिति समझ नहीं सके और रिकार्ड में यह भूमि निजी भूमि में दर्ज होती चली गई।
अब क्या?
गौरतलब है कि इसमें से काफी जमीन पर अब मकान बन चुके हैं। मामला अब कलेक्टर आरके माथुर के न्यायालय में है। यहां से नवाब के उत्तराधिकारी प्रख्यात पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नवाब मंसूर अली खां पटौदी दिल्ली, बेगम साहिबा सुल्तान व श्रीमती सालेहा सुल्तान हैदराबाद को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
इसकी भी जांच :
इसके अलावा शाहपुरा, सेवनिया गौड़, कोटरा व भोपाल शहर में स्थित कुछ जमीनों के पुराने बिलों की भी जांच की जा रही है। यह जमीन कुल 1137.5 एकड़ रकबे में है।
जल्द ही उक्त सभी जमीनों को शासकीय अभिलेखों में दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। नवाब भोपाल के उत्तराधिकारियों जिनके नाम यह जमीनें दर्ज हैं सुनवाई के लिए पेशी की तारीख दी गई है। - आरके माथुर, कलेक्टर
वह भूमि जिसके बारे में नोटिस भेजे गए (भास्कर के पास उपलब्ध सरकारी दस्तावेज के अनुसार)ग्राम— एकड़— कुल कीमतबेहटा- 411.64— 7,13,23,76,238बोरबन- 236.80— 4,10,29,70,297लाउखेड़ी- 257.78- 4,46,64,85,149हलालपुर- 87.70— 1,51,95,54,455निशातपुरा- 122.47- 1,51,57,17,822