जबलपुर/भोपाल. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य में चक्काजाम आयोजित करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। कोर्ट ने इसके साथ ही डंपर मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा कल शनिवार को आयोजित प्रदेशव्यापी चक्काजाम के संबंध में आवश्यक निर्देश मुख्य सचिव को जारी करने के आदेश दिए हैं।
न्यायमूíत दीपक मिश्रा और न्यायमूíत आर के गुप्ता की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे द्वारा इस याचिका में चक्काजाम को लेकर निर्देश जारी किए जाने का अनुरोध किया गया था।
अदालत के निर्देश
>> ट्रैफिक को रोकने के लिए किसी भी तरह की रुकावट सड़क पर पैदा न की जाए।
>> कोई भी प्रदर्शनकारी या विरोधकर्ता किसी भी व्यवसाय, व्यापार को बंद करने के लिए प्रेरित नहीं कर सकता।
>> किसी को भी विरोध करना हो तो वह बिना कोई अशांति फैलाए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करे।
>> कोई भी आंदोलनकारी ऐसी कोई भी हरकत न करे जिससे शांति व्यवस्था की स्थिति बिगड़ जाए।
तो होगी अवमानना कार्रवाई :
अपने नौ पृष्ठीय अंतरिम आदेश में अदालत ने व्यवस्था दी है कि इन निर्देशों का किसी भी सूरत में उल्लंघन न किया जाए। ऐसा करने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना की कार्रवाई चलेगी।
आदेश तत्काल प्रभाव से :
अदालत ने कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। इसके लिए अदालत ने आदेश की एक प्रति फैक्स के जरिए प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजने कहा ताकि वो उचित कार्रवाई कर सकें।