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जयपुर जाएगी विश्व प्रसिद्ध ‘लूम’

बीकानेर: यहां के केन्द्रीय कारागृह में रखी विश्व प्रसिद्ध ‘लूम’ को जयपुर भेजने की तैयारी की जा रही है। बीकानेर की यह ऐतिहासिक धरोहर शीघ्र ही जवाहर कला केन्द्र में शिल्प संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगी। इस लूम पर कभी कालीन (कारपेट)बनाए जाते थे।

जेल के महानिदेशक ने लूम को शिफ्ट करने के लिए शासन सचिव देवस्थान, कला एवं संस्कृति विभाग एवं महानिदेशक जवाहर कला केन्द्र को पिछले दिनों पत्र लिखा था। उसके बाद केन्द्रीय कारागृह में लूम को शिफ्ट करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। दो भागों में विभाजित इस लूम के एक भाग की लंबाई 54 फीट तथा वजन टनों में है। शिफ्टिंग के दौरान करीब एक साल पहले इस लूम को भी पुरानी से नई जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

केन्द्रीय कारागृह में ऐसी एक लूम और है, लेकिन वह छोटी है। बड़े कालीनों का निर्माण बंद होने के कारण यह लूम भी किसी काम नहीं आ रही। इसे ऐतिहासिक धरोहर के रूप में ही रखा हुआ है। दूसरी लूम के लिए स्थान नहीं होने के कारण उसे खुले में ही रखा गया। पिछले कई सालों से यह लूम रेत में पड़ी जंग खा रही है। इन लूमों पर कालीनों का निर्माण वर्षो पहले बंद हो चुका है। वर्तमान में छोटी लूम पर की कालीन बनाए जा रहे हैं। जेल में कोई उपयोग नहीं होने के कारण विश्व प्रसिद्ध लूम को जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा।

ऐतिहासिक है ‘लूम’ बीकानेर में पुरानी जेल 1872 में बनी थी। उसके बाद जेल में कालीन उद्योग पनपा तथा स्थानीय स्तर पर ही 52 फीट लंबी लूम का निर्माण कर उस पर कालीन बनने लगे। कालीन की मांग बढ़ने पर वर्ष 1934-35 में कलकत्ता की कोलमेन इंडस्ट्रीज से 54 फीट लंबी लूम मंगवाई गई। इसके दोनों भागों की लंबाई समान है। इस लूम पर बनने वाले कालीन देश-विदेश में बिकते थे। बीकानेर रियासत के पूर्व महाराजा स्व. गंगासिंह इसी लूम पर निर्मित एक कालीन इंग्लैंड से खरीद कर लाए थे। बीकानेर जेल में बनने वाले कालीनों की धूम देश-विदेश में थी। वर्ष 1910 में मैसूर में आयोजित एक प्रदर्शनी में पुरानी लूम से बने कालीन के लिए बीकानेर जेल की फैक्ट्री को गोल्ड मैडल मिला था। दोनों लूमों से निर्मित कालीन आज भी एतिहासिक जूनागढ़ और लालगढ़ किले की शोभा बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा नई लूम पर कालीन बनाकर यहां की फैक्ट्री ने 21 मैडल जीते थे, जिन्हें जेल अधीक्षक के कक्ष में सजा कर रखा गया है।





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