नई दिल्ली.भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी लिट्टे नेता प्रभाकरन की मौत चाहते थे। राजीव गांधी ने इसके लिए बकायदा आदेश भी दिए थे। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी लिट्टे नेता प्रभाकरन की मौत चाहते थे। राजीव गांधी ने इसके लिए बकायदा आदेश भी दिए थे। यह खुलासा श्रीलंका भेजी गई शांति सेना के कमांडर और रिटायर्ड मेजर जनरल हरकीरत सिंह ने अपनी एक किताब में किया है।
'इंटरवेंशन इन श्रीलंका' नाम की इस किताब में इस बात का जिक्र किया गया है कि श्रीलंका में तत्कालीन भारतीय उच्चयुक्त जेएन दीक्षित ने उन्हें कहा था कि प्रभाकरन से मुलाकात के दौरान उसकी हत्या कर दी जाए। इस पर हरकीरत सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया।
दीक्षित ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का आदेश है। हरकीरत सिंह ने इस संबंध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की और आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि धोखे से किसी को मारना सेना का काम नहीं है। सिंह ने कहा कि हमारी सेना धर्मनिष्ट है और हम पीछे से वार नहीं करते।सिंह का मानना था कि शांति वार्ता के सफेद झंड़े के नीचे किसी को मारना विश्वासघात होगा।
गौरतलब है कि श्रीलंका में शांति बहाली के लिए दोनों सरकारों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत श्रीलंका में भारतीय सेना भेजी गई थी। 1987 से 1990 तक चले अभियान में एक हजार से अधिक भारतीय जवान शहीद हुए थे। 1990 के मार्च में शांति सेना को श्रीलंका से वापस बुला लिया गया था।