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Bachhon Ka Kona Bachhon Ka Kona
* संता चौधरी अपनी बीवी की बकबक से बहुत परेशान रहते थे। एक दिन वह आधी रात को उन्हें उठाकर कहने लगी- अजी सुनते हो, मोहल्ले में बहुत चोरियां हो रही हैं। तुमने पिछवाड़े का दरवाजा तो खुला नहीं छोड़ दिया है? खिड़की ठीक से बंद की है कि नहीं? छत का कमरा खुला तो नहीं रह गया है? अलमारी में ताला लगा है कि नहीं? आधी रात को ऊटपटांग सवालों से झल्लाए संता चौधरी बोले- हां-हां, सब बंद है, सिर्फ तुम्हारे इस खुले मुंह को छोड़कर!
- विजय परमार, कोटा-राज
* कोर्ट में जिरह करते वकील संता राघव गवाह बंता बंधु की हरकतों से परेशान हो गए थे। बंता सवालों के जवाब देने की बजाय कभी नाक-भौं चढ़ाता, तो कभी उछल-कूद करने लगता। आखिर परेशान वकील संता राघव ने उससे कहा- देखो, बहुत हो गया, अब सारे सवालों के जवाब मुंह से ही देना। अच्छा यह बताओ कि तुम्हारी शादी कब हुई थी?
गवाह बंता बंधु- जी, मुंह से..!
- आर. के. पटेल, बिलासपुर-छग
* ता साहू- तुम मुझे गुस्सा मत दिलाओ, वरना मेरे अंदर का जानवर जाग जाएगा।
बंता वर्मा- जागने दो, भला चूहे से भी कोई डरता है।
- मनोज सारथी, ग्वालियर-मप्र
* सुबह जागते ही बंता टंडन ने अपनी पत्नी संतानी टंडन से कहा- जानती हो, कल हमारे क्लब में शराब पीने का कांपिटीशन हुआ था।
संतानी- हां, वह तो कल रात तुम्हारी हालत देखकर ही पता चल गया था। अब यह बताओ कि दूसरे नंबर पर कौन रहा?
-आरजू मिश्रा, झांसी-उप्र
* सेल्समैनों से परेशान संता चौधरी ने घर के बाहर एक बोर्ड टांग रखा है- सेल्समैन ध्यान दें! हमें मांगकर उपयोग करने की आदत है। आप जो कुछ बेचने लाए हैं, वह हमारे पड़ोसियों को बेचें। ज़रूरत पड़ने पर हम उनसे मांग लेंगे।
-श्रुति गुसाईं, जयपुर-राज