मुंबई. क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) की प्रबंध कमेटी ने पूर्व बोर्ड अध्यक्ष राजसिंह डूंगरपुर पर आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े छह आरोप लगाए हैं। इन्हीं आरोपों के कारण उन्हें क्लब से दो साल के लिए निलंबित किया जा चुका है।
सीसीआई अध्यक्ष आईएम कादरी ने शनिवार को कहा कि टैक्स, ऑडिट व एडवाइजरी फर्म केपीएमजी की जांच में ये अनियमितताएं सामने आई हैं। कमेटी ने 8-4 की वोटिंग से इन्हें स्वीकारते हुए डूंगरपुर से जवाब मांगना तय किया है।
उन्होंने कहा कि हम व्यक्तिगत रूप से डूंगरपुर के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम क्लब की गरिमा बचाना चाहते हैं। केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार 13 साल क्लब के अध्यक्ष रहे डूंगरपुर ने 177 अस्थायी सदस्यता देते हुए उनसे 1800 रुपए प्रति सप्ताह का शुल्क नहीं लिया। उन्होंने क्लब में एक कमरा ले रखा था, लेकिन उसका किराया नहीं दिया।
कादरी के अनुसार अस्थायी सदस्यता देने में हुए इस घोटाले से क्लब को एक करोड़ 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा डूंगरपुर के व्यक्तिगत खर्चे के 22 लाख भी क्लब ने भुगते हैं।