नई दिल्ली.भारतीय फिल्म व मनोरंजन उद्योग का आकार वर्ष 2010 तक बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर जाएगा और इससे करीब 60 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उद्योग संस्था एसोचैम के एक ताजा अध्ययन ‘डेवलपमेंट आफ इंडियन फिल्म एंड एंटरटैनमेंट इंडस्ट्री’ के मुताबिक देश के फिल्म व मनोरंजन उद्योग का आकार इस समय अनुमानित तौर पर 23 हजार करोड़ रुपए का है, जिसे दुनिया में सबसे बड़ा फिल्म उद्योग कहा जा सकता है। इसे विदेशी मुद्रा के तौर पर हर साल करीब 10 करोड़ डॉलर की आय अर्जित होती है। यह उद्योग इस समय करीब 25 लाख लोगों को सीधे या परोक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
ऐसे संभव होगा :
* देश में विविधता और मनोरंजन उद्योग में आई तेजी के चलते टेलीविजन चैनलों की संख्या बढ़कर 200 के करीब पहुंचने वाली है। इसके अलावा कई चैनल ऐसे हैं जो मंजूरी पाने की कतार में हैं।
* 90 के दशक की शुरुआत में टेलीविजन क्षेत्र में आई सैटेलाइट क्रांति के बाद उभरने वाले क्षेत्रीय चैनलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह सेगमेंट अधिक संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया कराने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
* देश के संगीत उद्योग में 4 फीसदी की दर से बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।
* अगले कुछ सालों में टीवी उद्योग 22 फीसदी की वृद्धि दर से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा।
* एनीमेशन क्षेत्र में चालू वर्ष में ही दुगुनी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यूं बढ़ता कारोबार :
* फिल्म व मनोरंजन उद्योग : अभी 23 हजार करोड़ रुपए का कारोबार, वर्ष 2010 तक 40 हजार करोड़ रुपए होने का अनुमान।
* संगीत उद्योग : अभी 7.2 अरब रुपए का कारोबार, 2010 तक 8.7 अरब रुपए तक होने का अनुमान।
* टीवी उद्योग : मौजूदा 191 अरब रुपए की तुलना में 2010 तक बढ़कर 519 अरब रुपए हो जाने की संभावना।
* एनीमेशन क्षेत्र : मौजूदा 220 करोड़ रुपए से बढ़कर 440 करोड़ रुपए होने का अनुमान।
* उभरते रुझानों के मुताबिक सिनेमा, संगीत, केबल व सैटेलाइट एडवरटाइजिंग, एनीमेशन और एफएम के साथ मनोरंजन उद्योग देश के उन उद्योगों में शामिल है जिनकी विकास दर काफी तेज है।’
- वेणुगोपाल धूत, चेयरमैन, एसोचैम