News
International International लंदन. वैज्ञानिकों के दिमाग में हमेशा से ही यह सवाल घूमता रहा है कि आखिर कीट-पतंगें पानी पर कैसे चलते, उछलते या तैरते हैं। दरअसल कीट-पतंगों के पैर उच्च जलरोधी होते हैं और वे इन्हें पानी पर इतनी सधी हुई गति से रखते हैं, ताकि डूबें नहीं। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस बात का पता चला है। दक्षिण कोरिया की सिओल यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता हो-यंग किम ने यह जानकारी दी।
कैसे पता लगाया :
वैज्ञानिकों ने एक जलरोधी गोले को अलग-अलग वेग से पानी में चलाया और उच्च गति वाले कैमरे से उसकी तस्वीरें लीं। उन्होंने पाया कि गोला एक नियत गति से ही पानी पर आगे बढ़ सकता है। इससे तेज गति पर वह पानी में डूब सकता है, जबकि कम गति पर पानी की उछलती सतह इसे अपने आगोश में ले लेगी।
क्या है उद्देश्य :
इस खोज का मूल उद्देश्य कीट-पतंगों के आकार के ऐसे रोबोट तैयार करना है, जो पानी पर चल सकें। पिट्सबर्ग की कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के एक वैज्ञानिक दल ने तो ऐसा रोबोट बना भी लिया है। कुछ कीट जल की सतह पर करीब 3.5 फीट प्रति सेकंड की गति से तैरते हैं। यह दूरी उनके शरीर के आकार से करीब 100 गुना अधिक है। यदि मनुष्य में यह क्षमता हो तो वह करीब 400 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से तैर सकेगा।