नई दिल्ली.एक युवक को अदालत ने बलात्कार के आरोप से पीड़ित लड़की के इस बयान के बाद रिहा कर दिया कि दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और आरोपी युवक ने लड़की की सहमति से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीपा शर्मा ने उत्तरी दिल्ली के अन्नान नगर निवासी सुमित को अपहरण और बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया। जज ने कहा कि सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि 19 वर्षिया पीड़िता आरोपी सुमित के साथ बेहद प्यार करती थी और दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे।
लेकिन लड़की के माता-पिता दोनों की शादी के लिए राजी नहीं थे। 14 अप्रैल 2007 को लड़की की सहमति से सुमित ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसलिए अदालत आरोपी सुमित को अपहरण और बलात्कार के आरोपों से बरी करती है।
अदालत में लड़की ने भी सीपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयान में कहा कि उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की गई।