मुंबई. रुपए की मजबूती से निर्यातक बेहाल हैं, मगर देश के स्टॉक मार्केट की वैल्यूएशन में रुपए की इस मजबूती के कारण एक साल से भी कम समय में 200 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। भारतीय इक्विटी बाजार में कुल निवेशित रकम बढ़कर 1690 अरब डॉलर (लगभग 66,57,736 करोड़) हो गई। यह रकम 2006 के अंत में 812 अरब डॉलर (3624400 करोड़) रुपए थी।
रुपए में लगभग 45 फीसदी की मजबूती और रियल्टी कंपनी डीएलएफ जैसी नई लिस्टिंग्स के कारण बाजार के कुल मार्केट कैप में 878 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। हालांकि, इस बढ़ोतरी का 22 फीसदी घरेलू करेंसी का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होना है। वर्तमान में रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले 39.41 रुपए है।
अगर रुपया 2006 के अंत के स्तर यानी 44.63 प्रति डॉलर ही बना रहता तो बाजार की कुल वैल्यू 1491 अरब डॉलर ही रहती, जो वर्तमान के 1690 अरब डॉलर से लगभग 200 अरब डॉलर नीचे ही होती।
कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रुपए की इस मजबूती से सबसे अधिक 12 अरब डॉलर का फायदा कमाया है। कंपनी का मार्केट कैप 2007 में 65 अरब डॉलर बढ़ा है।