न्यूयॉर्क. भारत को कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण देश बताते हुए आईटी कंपनी आईबीएम ने कहा है कि वह भारत को ग्लोबल डिलीवरी का हब बनाएगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल दिसंबर के अंत तक भारत से कंपनी की आय एक अरब डॉलर से अधिक पहुंच जाएगी।
कंपनी के 2010 के रोड मैप पर चर्चा करते हुए कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट (फाइनेंशियल मैनेजमेंट) जेसी ग्रीन ने बताया कि हम भारत को आईबीएम के लिए एक सपोर्ट के तौर पर देखते हैं। भारत ग्लोबल डिलीवरी का हब बनेगा, जिससे हमें मार्जिन और ग्रोथ को सुधारने में मदद मिलेगी। कंपनी को भारत से इस दिसंबर के अंत तक एक अरब डॉलर के राजस्व की उम्मीद है। 2006 में यह 70 करोड़ डॉलर रहा था। ग्रीन के अनुसार चालू वित्त वर्ष की तीन तिमाही में कंपनी की आय में 39 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई है।
कंपनी यहां भारती एंटरप्राइजेज के साथ काम कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने कई बड़ी कंपनियों के साथ भी समझौता किया है। ग्रीन के अनुसार ये समझौते भी कंपनी की आय में बढ़ोतरी करेंगे।
सबसे तेज माइक्रोप्रोसेसर लांच :
बेंगलूर. सूचना एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आईबीएम ने दुनिया के सबसे तेज माइक्रोप्रोसेसर डुअल-कोर पावर 6 को भारत में पेश किया है। आईबीएम इंडिया दक्षिण-एशिया के सिस्टम्स एवं प्रौद्योगिकी समूह के निदेशक शशि बी. मल के अनुसार माइक्रोप्रोसेसर को पेश करने के साथ देश में सिस्टम पी 570 सर्वर एवं ब्लैडसेंटर जेएस 22 में भी नई चिप को शामिल करने हुए उत्पाद को देश में किया जाएगा।
कंपनी की उपाध्यक्ष (इंडिया-दक्षिण एशिया) ज्योति सत्यानाथन के अनुसार हम पावर 7 पर काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह 2010 से 2011 तक तैयार कर लिया जाएगा।