Manoranjan
Cinema
Hollywood Hollywood बांड श्रंखला की अपनी पहली फिल्म ‘कैसिनो रॉयेल’ से न सिर्फ डेनियल क्रेग अपना एक बड़ा प्रशंसक वर्ग तैयार करने में सफल रहे थे, बल्कि उन आलोचकों का मुंह बंद
करने में भी कामयाब रहे थे, जो उन्हें कालजयी बांड के किरदार के लिए उपयुक्त नहीं मान रहे थे। अब वे ‘द गोल्डन कम्पास’ में लॉर्ड एस्रील के पात्र में मौजूद हैं। ‘कैसिनो रॉयेल’ ने उन्हें लोकप्रियता की उस बुलंदी पर बैठा दिया है, जहां वे मानते हैं कि उनकी निज स्वतंत्रता छिन गई है। हालांकि उनकी नई फिल्म कैथोलिक चर्च को रास नहीं आ रही है, क्योंकि इसमें पृथ्वी के समानांतर एक अलग दुनिया समेत चुड़ैलों और आत्माओं का जिक्र है।
इस फिल्म के पात्र को निभाने की वजह बताते हुए वह कहते हैं, ‘चूंकि वह एक क्रांतिकारी है। वह हर चीज को मिला कर देखना चाहता है। उसके लिए ज्ञान ही सबसे बड़ी चीज है। वह ज्ञान प्राप्त करने के लिए ही इधर-उधर भटकता फिरता है। बस, इसी चीज ने मुझे सर्वाधिक प्रभावित किया।’
फिल्म से कैथोलिक संप्रदाय के रुष्ट होने पर वह कहते हैं, ‘मुझे इसमें रत्ती भर भी आश्चर्य नहीं हुआ। फिलिप को इस बात की पहले से ही आशंका थी। जहां तक मेरा सवाल है तो मुझे यह कहीं से भी धर्म विरोधी नहीं लगी। सबसे खास बात मुझे यह लगती है कि इसकी मुखालफत कर रहे अधिकांश लोगों ने किताब पढ़ी ही नहीं है। पहले वह इस किताब को पढ़ें, फिर फिल्म के विरोध में कोई बात करें। मुझे लगता है कि इसके बाद कैथोलिक चर्च को भी इस विवाद से निपटने में कहीं आसानी होगी।’
बांड फिल्म से मिली सफलता के प्रश्न पर वह कहते हैं, ‘मैं तो अब भाग खड़ा होता हूं। वैसे यह मजाक है, लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि मैं जो हूं वही रहूं। मेरी जिंदगी बदल चुकी है। इस लिहाज से भी कि आज मेरे पास पहले जैसी स्वतंत्रता नहीं है। हालांकि साथ ही मुझे इसके साथ दूसरी तमाम तरह की आजादी भी मिली है।’