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विधायक के बेटे पर फायर

रायपुर : सुबह-सुबह गोली चलने से देवेंद्रनगर में सनसनी फैल गई। पूर्व मंत्री तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रेणुका सिंह का बेटा बलजीत उर्फ जिस कार से जा रहा था, गोली उसके शीशे छेदती हुई निकल गई। 315 बोर के कट्टे से गोली अरुण राजपूत (25) ने चलाई। वह मोटरसाइकिल पर था, जिसे उसका दोस्त विकास चला रहा था। पूछताछ में पता चला कि पूर्व मंत्री का बेटा लकी और उसके साथी कुछ देर पहले इसी कार से अरुण के यहां गए थे। युवकों ने घर में घुसकर अरुण और उसके छोटे भाई को पीटा और भाग निकले। इसके बाद अरुण ने पीछा किया और जैसे ही कार देखी, गोली दाग दी।

इस मामले में पुलिस ने गोली चलाने वाले अरुण, उसके भाई अखिलेश और विकास के खिलाफ आर्म्स एक्ट तथा जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज किया। कट्टे के अलावा इनसे एक तलवार भी जब्त हुई। सभी गिरफ्तार कर लिए गए। इसी तरह, पूर्व मंत्री के बेटे बलजीत उर्फ लकी देवेंद्रनगर तथा उसके साथी सनी सलूजा देवेंद्रनगर, अब्दुल हाशिम मौदहापारा, भरत स्टेशन रोड और अलाउद्दीन फाफाडीह चौक के खिलाफ बलवा और मारपीट का जुर्म दर्ज किया गया। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। बलवे और मारपीट में इस्तेमाल सेंट्रो कार जब्त कर ली गई। हालांकि गोली भी इसी कार पर लगी थी।

सिटी एसपी डा. लाल उमेद सिंह ने बताया कि सोमवार की रात अरुण के साथ सनी और हाशिम का विवाद हुआ। बताया जाता है कि सनी और हाशिम अरुण की एक करीबी युवती को परेशान कर रहे थे। यह पता चलने पर कल अरुण ने दोनों को ऐसा न करने की नसीहत दी। इसी दौरान बात बढ़ गई और दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने हो गए, लेकिन बीचबचाव की वजह से मामला शांत हो गया। आज सुबह सनी अपने दोस्त मनीष के साथ था, तभी बालाजी स्कूल के सामने उन्हें अरुण मिल गया। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। अरुण अकेला था, लेकिन भारी पड़ गया। इसलिए सनी और मनीष को वहां से भागना पड़ा।

इसके बाद सनी ने मनीष को उसके घर छोड़ा और पूर्व मंत्री के बेटे लकी के पास पहुंचा। उसने लकी को सारी बात बताई और नाक कटने की दुहाई देकर उसे साथ चलने पर राजी किया। लकी ने मौदहापारा से हाशिम और फाफाडीह से अलाउद्दीन को बुला लिया। इसी समय भरत भी वहां पहुंच गया। चारों सेंट्रो कार (सीजी04बी-7869) से अरुण के घर पहुंचे और घुसकर मारपीट-तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुछ देर बाद जब मारपीट की आवाज से आसपास के लोग जमा होने लगे, तब पांचों बाहर निकले और कार में बैठकर भाग गए। लकी ने सनी, अलाउद्दीन व हाशिम को देवेंद्रनगर थाने के पास छोड़ दिया। इसके बाद उसने कार टर्न की और देवेंद्रनगर श्मशान की ओर से जेल रोड की ओर बढ़ा। अरुण पहले से ही मोटरसाइकिल से उसके पीछे था।

एचडीएफसी बैंक के पास अरुण ने कार रोकने की कोशिश की। कार नहीं रुकी, तो उसने फायर कर दिया। गोली चलने से लकी और भरत घबरा गए। कार के तेजी से भगाते हुए दोनों गंज थाने पहुंचे और पुलिस को सारा हाल बताया। सिटी एसपी ने बताया किए वारदात की खबर मिलते ही नाकेबंदी कराई गई। अखिलेश और विकास को थोड़ी ही देर में दबोच लिया गया। अरुण कुछ देर बाद पकड़ा गया। दूसरे पक्ष से लकी और भरत को पुलिस ने थाने में बिठा लिया। सनी, हाशिम और अलाउद्दीन भी कुछ देर में देवेंद्रनगर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने बताया कि लकी अंबिकापुर में कक्षा 11वीं का छात्र है, लेकिन प्राइवेट में पढ़ाई कर रहा है।

कालोनीवालों ने दौड़ाया लकी और उसके दोस्तों ने अरुण व भाई अखिलेश की बेदम पिटाई और तोड़फोड़ की। इस वजह से पड़ोसियों को गुस्सा आ गया। लकी और साथी घिर गए, तब वे सेंट्रो कार से भागे। बताते हैं कि लोग काफी दूर तक उनके पीछे भागे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लकी और उसके साथी लाठी, डंडे और राड के साथ तलवार से भी लैस थे। पुलिस ने इस बात से इनकार किया है।

पुलिस में खलबली गंज थाने में जैसे ही लकी और भरत ने फायरिंग का जिक्र किया, पुलिस वालों के होश उड़ गए। उन्होंने सीधे आला अफसरों को खबर दी। सिटी एसपी ने फौरन नाकेबंदी करवायी और देवेंद्रनगर थाने पहुंच गए। थोड़ी देर बाद सीएसपी बीबीएस राजपूत, जीएस बाम्बरा, टीआई मुकेश खरे और देवेंद्रनगर टीआई मोनिका पांडे पहुंच गईं। क्राइम ब्रांच के टीआई सत्येंद्र पांडे भी अपने दल के साथ आ गए।

थाने के सामने हंगामा अरुण और अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद थाने के सामने खासा हंगामा हुआ। सूत्रों का कहना है कि अरुण को कांग्रेस नेता संजीव अग्रवाल ने सरेंडर कराया। अरुण जैसे ही थाने में घुसा, पुलिस ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। उनका तर्क था कि शहर का माहौल न बिगड़े, इस वजह से अरुण को सरेंडर कराया गया। अफसरों ने कहा कि सरेंडर न कराते, तो भी पुलिस उसे ढूंढ़ निकालती। इस मुद्दे पर कांग्रेसी युवकों ने कुछ देर हंगामा भी किया।





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