बठिंडा. बठिंडा पट्टी के 75 कर्जाई किसानों को जेल भेजने के आदेश जारी हो गए हैं। सहकारिता विभाग ने कपास पट्टी के 3,000 कर्जाई किसानों के गिरफ्तारी वारंट जारी करने को हरी झंडी दे दी है। खेती विकास बैंकों ने इन्हें जेल भेजने के लिए छापामारी भी शुरू कर दी है। ये वारंट पंजाब सहकारिता सोसाइटीज एक्ट की धारा 63सी के तहत जारी हुए हैं। वारंट करीब छह साल बाद फिर जारी हुए हैं।
पहले भी अकाली सरकार ने यह कदम उठाया था। सहकारिता मंत्री कै. कंवलजीत ¨सह हालांकि कह चुके हैं कि किसी किसान को हथकड़ी नहीं लगाई जाएगी, पर बैंक अधिकारियों द्वारा डिफाल्टरों के वारंट जारी होने के साथ ही सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। बठिंडा और फिरोजपुर रेंज के किसानों से बैंक ने ३७४ करोड़ रुपए से ज्यादा रकम वसूलनी है।
बठिंडा में ही 571 किसानों के वारंट
सहायक रजिस्ट्रार बठिंडा की ओर से बठिंडा व नथाना की खेती विकास बैंक के 75 कर्जाई किसानों के 31 जनवरी 2008 तक के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। यह वारंट उन्हें जारी किए गए हैं, जिन्होंने गैर कृषि कार्र्यो के लिए खेती विकास बैंकों से कर्ज ले रखे हैं। गैर-कृषि कार्र्यो में डेयरी, पोल्ट्री, मछली पालन, मकान निर्माण संबंधी कर्ज आते हैं।
अकेले बठिंडा जिले में करीब 571 किसानों के गिरफ्तारी वारंट जारी होने हैं। इन पर 5.03 करोड़ रुपए का कर्जा खड़ा है। फिरोजपुर डिविजन के खेती विकास बैंकों का 369 करोड़ रुपए का कर्ज किसानों के सिर चढ़ा है। सहायक रजिस्ट्रार ने बठिंडा बैंक के कुल 5,818 डिफाल्टर बताए हैं, जिनसे 17.38 करोड़ रुपए वसूले जाने हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
खेती विकास बैंकों के जिला मैनेजर शिंदर ¨सह कहते हैं बैंक किसानों को प्रेरणा देकर कर्ज वसूली में बढ़ाने को यत्नशील है, वारंटों के बारे में आला अधिकारियों को पता है। फिरोजपुर डिवीजन के रीजनल मैनेजर गुरमीत ¨सह का कहना था कि बठिंडा मानसा में वसूली दर अभी कम है। कई बैंकों द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।
गिरफ्तार नहीं होनें देंगे किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन के जिला बठिंडा के प्रधान हरदेव ¨सह जय ¨सहवाला ने कहा कि वे किसानों की गिरफ्तारी किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है और सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई जा रही है।