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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर: पेण्ड्रा लोकल की लेट-लतीफी सुधारने एक माह के भीतर ही दूसरा प्रयोग किया जा रहा है। एक माह पहले इस ट्रेन में टाटा पैसेंजर की जगह चिरमिरी पैसेंजर को रैक लगाने का निर्णय लिया गया था। अब इसकी जगह छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रैक गेवरा पैसेंजर में लगाकर पेण्ड्रा लोकल को गेवरा पैसेंजर के रैक से चलाया जाएगा।
पेण्ड्रा लोकल की लेट-लतीफी रेलवे के लिए एक बड़ी समस्या रही है। यह समस्या इस ट्रेन में उपयोग में लाए जाने वाले टाटा पैसेंजर के कोच के कारण है। टाटा पैसेंजर का बिलासपुर आने का समय सुबह 7.15 पर है और पेण्ड्रा लोकल कर बिलासपुर से छूटने का 7.45 पर है। लंबी दूरी के ट्रेन होने के कारण टाटा पैसेंजर का आधा से एक घंटा लेट रहना तकरीबन तय है। इसके चलते ही पेण्ड्रा लोकल भी लेट रहा करती थी। इस स्थिति में सुधार के लिए एक माह पूर्व ही पेण्ड्रा लोकल में चिरमिरी पैसेंजर का रैक लगाने का निर्णय लिया गया था। यह रैक भी सोमवार से शुक्रवार तक ही लग रहा था और शनिवार और इतवार को पेण्ड्रा लोकल मे टाटा पैसेंजर का ही रैक उपयोग में लाया जा रहा है। रेलवे का एक माह पहले चालू किया गया यह प्रयोग सफल नहीं हो पाया।
इसके पीछे कारण चिरमिरी पैसेंजर को लंबी दूरी में चलना है। यह ट्रेन सुबह 5 बजे बिलासपुर आती है और कोच की साफ-सफाई व मरम्मत में का समय में इस रैक को पेण्ड्रा लोकल में लगाने के कारण नहीं बच पाता था। इस स्थिति को देखते हुए रेलवे ने एक दफा फिर इस मामले में नया परिवर्तन किया है। अब आने वाली एक जनवरी से 360/३६१ बिलासपुर-गेवरा-बिलासपुर पैसेंजर को बिलासपुर से गेवरा के बीच बिलासपुर-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के रैक का उपयोग किया जाएगा। इस रेक के परिवर्तन से 411/४१२ बिलासपुर-पेण्ड्रा-बिलासपुर लोकल के लिए स्थायी तौर पर गेवरा पैसेंजर का रैक मिल जाएगा। इसका लाभ 321/३२२ टाटा- बिलासपुर पैसेंजर को मिलने का दावा भी रेलवे के अधिकारी कर रहे हैं। टाटा पैसेंजर का रैक खाली हो जाने से इस ट्रेन की भी लेट-लतीफी कम होने की बात कही जा रही है।
गेवरा-बिलासपुर पैसेंजर के ठहराव में परिवर्तन यह ट्रेन 1 जनवरी से कापन, कोटमीसुनार, जयरामनगर व गतौरा में नहीं रूकेगी। वहीं 360 बिलासपुर-गेवरा पैसेंजर के ठहरावों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। बिलासपुर-गेवरा बिलासपुर से 7.35 पर छूटकर 10.40 पर गेवरा पहुंचेगी। वहीं गेवरा-बिलासपुर पैसेंजर गेवरा से 11.10 से छूटकर 1.50 पर बिलासपुर पहुंचेगी। छत्तीसगढ़ का मामला गड़बड़ छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के कोच के उपयोग का मामले पर अभी से प्रश्न चिन्ह लगने लगा है। यह लंबी दूरी में चलने वाली ट्रेन है और यह तकरीबन रोज ही दो चार घंटे लेट रहती है। इस स्थिति में इसके कोच का उपयोग कितना सफल रहेगा, यह 1 जनवरी के बाद ही तय हो पाएगा।