bhaskar Web English
HomeNewsPunjabJalandhar Jalandhar

दफ्तर बैठे मिलेगी मीटर की रीडिंग

जालंधर. meter वह दिन दूर नहीं जब बिजली दफ्तरों में बैठे मुलाजिम रिमोट से घरों में लगे बिजली मीटरों की रीडिंग ले सकेंगे। राज्य बिजली बोर्ड ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। सरकार की मंजूरी के बाद काम शुरू हो जाएगा। रिमोट रीडिंग संभव बनाने के लिए बिजली बोर्ड लोगों के घरों में डाटा डाऊनलोड सुविधा से लैस नए इलैक्ट्रानिक मीटर लगाएगा।

मीटरों में चिप (मोबाइल फोन की तरह) लगने के बाद बिजली घरों से मीटरों की रीडिंग जानी जा सकेगी। राज्य में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला और मोहाली से योजना की शुरुआत की जाएगी। बिजली बोर्ड के मैंबर वितरण ने बोर्ड अधिकारियों से उक्त जिलों से मीटरों का ब्यौरा मांगा है।

स्टाफ जिले में मीटरों की गिनती तैयार कर रहा है, जिसके आधार पर बोर्ड योजना के खर्च का एस्टीमेट बनाएगा और फिर मंजूरी के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्कीम बिजली बोर्ड के वितरण और संचालन प्रणाली में सुधार लाने के बड़े प्रोजैक्ट का हिस्सा है। वितरण और संचालन में सुधार के लिए बिजली बोर्ड ने 33 सौ करोड़ रुपए की योजना तैयार की है। बिजली बोर्ड स्कीमें बनाकर मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजेगा।

बिजली चोरी पर रोक लगाने की तैयारी
33 सौ करोड़ की योजना के तहत इलैक्ट्रानिक मीटरों के अलावा बिजली चोरी पर रोक, ट्रांस्फार्मर बदलने और बिजली लाइन अंडरग्राऊंड करने की योजना भी शामिल है। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली बोर्ड संदिग्ध क्षेत्रों में एरियल बंच्ड केबल बिछाएगा, जिसे न तो काटा जा सकता है और न ही छीला जा सकता है। हर सब डिवीजन उन क्षेत्रों का डाटा तैयार कर रही हैं, जहां बिजली ज्यादा चोरी होती है और इसके साथ ही बोर्ड को यह भी एस्टीमेट भेजा जा रहा है कि क्षेत्रों में कितनी तार की जरूरत है।

ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर हटेंगे
प्रोजैक्ट के तहत बिजली बोर्ड उक्त जिलों से ओवरलोडेड ट्रांस्फार्मरों की जगह नए ट्रांसफार्मर लगाएगा। सब डिवीजन ट्रांसफार्मरों की गिनती, क्षमता और लोड बारे डाटा भेज रही है। योजना के तहत अगर 100 केवीए के ट्रांसफार्मर पर 60 केवीए से ज्यादा लोड है तो उसे ओवरलोडेड गिना जा रहा है और उसकी जगह नए ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। तार अंडरग्राउंड करने के लिए भी एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।

>> बोर्ड के निर्देश के तहत उक्त योजनाओं के बारे डाटा तैयार किया जा रहा है और बोर्ड को भेजा जाएगा। यह सब वितरण और संचालन में सुधार की योजना के तहत किया जा रहा है।
-केबीएस कलेर, सुपरिटेंडैंट इंजीनियर, जालंधर सर्किल





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: