हिसार. शादी के 42 साल बाद जींद के उचाना क्षेत्र के बुडाना गांव के 75 वर्षीय कपूर चंद की 58 वर्षीय पत्नी चमेली देवी अब एक साथ जुड़वा बच्चों की मां बन गई हैं। यह संभव हो पाया है टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से।
उम्र के इस पड़ाव में एक लड़का व एक लड़की के पिता बनने के बाद कपूर चंद ने बताया कि 66 वर्ष पहले नौ साल की उम्र में उसकी शादी चार वर्षीय संती देवी के साथ हुई थी। शादी के 24 वर्ष बाद भी जब कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने चमेली देवी से दूसरी शादी कर ली।
अनेक चिकित्सकों के चक्कर काटने के बाद 11 वर्ष पहले चमेली देवी गर्भवती हुई लेकिन तीन माह बाद ही गर्भपात हो गया। टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक से आज वे दो जुड़वा बच्चों के पिता हैं।
क्या कहते हैं चिकित्सक
चमेली देवी और कपूर सिंह को मां-बाप बनाने वाले चिकित्सक डॉ. अनुराग बिश्नोई का कहना है कि मेनोपाज के बाद टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक में अंडदान के लिए एक युवा महिला की भी आवश्यकता होती है जो चमेली देवी के मामले में थी । इस तकनीक में ट्यूबों को बाईपास कर अंडों से शुक्राणुओं का मेल कराया जाता है तथा भ्रूणों को बच्चेदानी में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।