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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर: नगर निगम परिषद की बैठक में मंगलवार को पानी को लेकर हंगामा हुआ। इस मसले पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक मत थे कि सदन में चर्चा कराई जाए परंतु यह मामला एजेन्डे में शामिल नहीं होने की वजह से अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह जादौन ने चर्चा कराने से इनकार किया। इस मामले में हंगामे के बाद बैठक स्थगित कर दी गई।
शहर में पेयजल समस्या के मामले में विपक्ष की ओर से पार्षद सुधीर गुप्ता, सुरेन्द्र सिंह चौहान व अन्य पाषर्दों ने सदन में चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। इस पर अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह जादौन ने कहा कि यह मुद्दा एजेन्डे में शामिल नहीं है, इसलिए नियमानुसार चर्चा नहीं कराई जा सकती। इस पर विपक्ष का कहना था कि चर्चा कराई जाए या नहीं, इस पर मत विभाजन करा लिया जाए।
अध्यक्ष ने मत विभाजन की अनुमति नहीं दी। इस पर विपक्ष के पार्षदों ने आसंदी घेर ली। पानी के मसले पर सत्तापक्ष के भी कुछ पार्षद सदन में चर्चा कराना चाहते थे परंतु अध्यक्ष ने जब अनुमति नहीं दी तो वे भी धरने में शामिल हो गए।
इस मामले में सत्तापक्ष के पार्षदों का कहना था कि निगम ने पानी के परिवहन के लिए जिन्हें ठेके दिए हैं, वे ठेकेदार पानी नहीं पहुंचा रहे हैं। अल्प वर्षा के कारण शहर के कई इलाकों में पानी का संकट गहराने लगा है और क्षेत्र की जनता का विरोध पार्षदों को झेलना पड़ रहा है। विपक्ष की ओर से तीन बार आसंदी घेरी गई और अंत में अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी।
नहीं मानी पार्षदों ने महापौर की बात महापौर ने सत्तापक्ष के पार्षदों को पानी के मुद्दे को तूल नहीं देने के मामले में विपक्ष का साथ नहीं देने के लिए एक बैठक भी बुलाई थी परंतु सत्तापक्ष के पार्षदों महापौर की बात से सहमत नहीं हुए।
पाषर्दों को मनाने की कोशिश बैठक समाप्त होने के बाद सत्तापक्ष के रूठे हुए पार्षदों को मनाने के लिए महापौर ने अपने कक्ष में एक और बैठक बुलाई जिसमें पीएचई के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक में भी गतिरोध दूर नहीं हो पाया।