भोपाल: कोर्स की किताबों में इस साल बड़े पैमाने पर हुई गलतियां रोकने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) और राज्य शिक्षा केंद्र के बीच समझौता हो गया है। अब निगम राज्य शिक्षा केंद्र से वही सीडी लेगा, जिसमें किसी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जा सके। ज्ञात रहे कि चालू सत्र की कई किताबों में जमकर गलतियां हुई हैं।
किताबें लिखने का काम राज्य शिक्षा केंद्र करता है और इसके प्रकाशित करने का काम पाठ्यपुस्तक निगम का होता है। जब किताब में कोई गलती होती है तो अधिकारी एक दूसरे पर दोषारोपण करते हैं और कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। इस वजह से कई बार विवाद की स्थिति की बन चुकी है। जब पुस्तक लेखन के समय कोई गलती हो जाती है तो राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों का तर्क होता है कि पाठ्यपुस्तक निगम से गलती हुई होगी, जबकि निगम के अधिकारी कहते हैं कि वे सिर्फ किताबें छापते हैं, इसलिए उनके द्वारा गलती होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
किताबों में दोनों पक्षों की ओर से त्रुटियां न हों इसलिए यह तय किया गया कि मुद्रित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकों की ‘राइट प्रोटेक्टेड’ सीडी मुद्रण के लिए पाठ्य पुस्तक निगम को प्रदान की जाएगी। जिससे विषय वस्तु में गलती की आशंका को रोका जा सके।
अगर प्रदान की गई सीडी में विषय वस्तु में संशोधन की जरुरत पड़ती है तो उक्त संशोधन कार्य पूरा कर फिर से राइट प्रोटेक्टेड सीडी मुद्रण के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निगम को उपलब्ध कराई जाएगी।
अब राज्य शिक्षा केंद्र से राइट प्रोटेक्टेड सीडी ली जाएगी। इससे किताबों में गलतियां होने की संभावना नहीं रहेगी। ऐसा पहली बार किया जा रहा है। -मनीष सिंह, जीएम, पाठ्यपुस्तक निगम