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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. चंडीगढ़ अर्बन कॉम्प्लेक्स में मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस) को लेकर बनी एक्सपर्ट कमेटी ने चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में मॉडर्न सिटी बस सर्विस शुरू करने की सिफारिश की है। करीब सात महीने पहले प्रशासन ने सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, नई दिल्ली के चेयरमैन के.सी. शिवारामाकृष्णन की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।
चीफ इंजीनियर एस.के.जेतली का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट को एग्जामिन करने के बाद ही सिफारिशों को लागू किया जाएगा। कमेटी की एक ताजा रिपोर्ट में यह कहा गया है कि चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और आसपास के इलाकों के लिए एक ऐसी मॉडर्न सिटी बस सर्विस शुरू की जानी चाहिए, जिसकी मैनेजमेंट भी कॉमन हो। यानी इन शहरों में सीटीयू, हरियाणा रोडवेज और पंजाब रोडवेज की जगह एक ही कॉमन मैनेजमेंट की बसें चलें।
‘सुधारें सरकारी बसों की साख’ : कमेटी का कहना है कि इन शहरों में सरकारी बसों की साख सुधारी जानी चाहिए ताकि लोग बसों में बैठने से कतराएं नहीं और इन्हें अच्छे नजरिए से देखें, इसलिए जरूरी है कि ये मॉडर्न बसें देखने में शानदार हों। इनका डिजाइन अच्छा हो। बड़े-बड़े दरवाजे और खिड़कियां हों और आरामदेय सीटें। अच्छी सस्पेंशन हो ताकि लोगों को झटके न लगें और न ही बसें शोर मचाएं।
बसों में पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम ही नहीं बल्कि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम भी लगा होना चाहिए। साथ ही इनमें इलेक्ट्रॉनिक फेयर कलेक्शन का बंदोबस्त हो। कमेटी ने कहा है कि ऐसा करने से लोगों में बसों की साख सुधरेगी और वे इनमें सफर करने से कतराएंगे नहीं। इससे वे अपने व्हीकल्स का इस्तमाल कम करेंगे और सड़कों पर कंजेशन कम होगा।
चंडीगढ़-पंचकूला के बीच और सड़कें बनाएं : कमेटी ने यह सुझाव भी दिया है कि चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच और नई सड़कें बनाई जानी चाहिए। इस वक्त दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक ही मेन रोड है। आईटी पार्क-एमडीसी के बीच एक और लिंक खुला।
मोनो, मेट्रो की जगह लाइट रेल ट्रांसिट सिस्टम की सिफारिश : प्रशासन की उम्मीदों से परे जाते हुए कमेटी ने चंडीगढ़ में मोनो या मेट्रो की जगह लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम अपनाने की सिफारिश की है। प्रशासन पहले ही इस पर अपना ऐतराज जता चुका है। प्रशासन का इरादा चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मेट्रो रेल चलाने का है।
प्राइवेट ट्रांसपोर्ट को करें कम: कमेटी
कमेटी ने प्राइवेट ट्रांसपोर्ट को तरजीह न देने की बात की है। कमेटी का मानना है कि चंडीगढ़ में एमआरटीएस के तहत कोई भी सिस्टम तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक कि यहां प्राइवेट ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा दिया जाता रहेगा। यह कहा गया है कि कई सड़कों के किनारों पर ज्यादातर जगह को प्राइवेट व्हीकल्स घेरे रहते हैं।