जयपुर. केंद्र सरकार का पर्यटन विभाग जयपुर शहर के आसपास होटल खोलने वालों को 2 लाख से 1 करोड़ रुपए तक की ‘कैपिटल सब्सिडी’ देगा, ताकि विदेशी पावणों को पीक टाइम में आसानी से ठिकाना मिल सके। देश के अग्रणी टूरिस्ट शहरों में होटल खोलने वालों को प्रोत्साहित करने की इस योजना के तहत जयपुर को भी शामिल किया गया है। इसका फायदा छोटे व हैरिटेज होटल वालों को मिलेगा। हैरिटेज होटल बनाने में दिक्कत आ रही हो, तो उसका स्तर सुधारने के लिए यह फंड दिया जाएगा।
केंद्र की ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ योजना के बाद देश में पर्यटन को पंख लगे हैं। इससे एक तरफ तो विदेशी मुद्रा की आवक बढ़ी है, लेकिन पीक टाइम में अधिकतर पर्यटकों को कमरे नसीब नहीं हो पाते और वे अपनी बुकिंग रद्द करा देते हैं, जबकि बजट क्लास होटल मुनाफे के लिए बढ़ती ऑक्यूपेंसी के आधार पर कैटेगिरी में इजाफा करने लगे हैं।
इंडिया टूरिज्म डिपार्टमेंट की ‘इन्सेंटिव टू अकोमोडेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ योजना हैरिटेज, थ्री स्टार होटलों के लिए है। वन स्टार कैटेगिरी होटलों को 2 लाख रुपए से 30 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाएगी। टू स्टार होटलों को 3 लाख रुपए से 75 लाख रुपए और थ्री स्टार होटल खोलने के लिए 3 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी दी जाएगी।
हैरिटेज बेसिक कैटेगिरी होटलों को भी 3 लाख से एक करोड़ रुपए तक का रेस्टोरेशन फंड दिया जाएगा। होटल मालिकों को केंद्र सरकार से होटल का क्लासिफिकेशन कराना होगा। देश में जितने ज्यादा पर्यटक आते हैं, उतनी ही विदेशी मुद्रा आती है। यह रुपया रिजर्व बैंक में जमा होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। केंद्र सरकार का मानना है कि एक बार जो बजट खर्च होगा, उन होटलों से हमेशा के लिए देश को विदेशी आय मिलती रहेगी।
>> देश में पहली बार यह अनूठी योजना बनाई गई। 2010 में राष्ट्रमंडल खेल और उसके बाद लंबे समय तक टूरिस्ट शहरों को फायदा पहुंचाने के लिए इसका क्रियान्वयन शुरू किया है। जयपुर का चयन दिल्ली से नजदीकी और ऐतिहासिक विरासत के प्रति पर्यटकों के रुझान को देखते हुए किया गया है।
श्रीवत्स संजय, सहायक महानिदेशक पर्यटन विभाग केंद्र सरकार (खासा कोठी)