बेंगलूरु. कप्तान अनिल कुंबले की धारदार गेंदबाजी के बावजूद भारत आज यहां तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट मैच के आखिरी दिन पाकिस्तान की दूसरी पारी के सात विकेट ही झटक सका, जिसकी वजह से मैच ड्रॉ हो गया।
खराब रोशनी बनी भारत की राह में रोड़ापाकिस्तान के लिए मैच बचाने में खराब रोशनी ने भी काफी मददगार भूमिका निभाई। दोनों अंपायरों ने खराब रोशनी के कारण जब खेल समाप्त करने की घोषणा की, उस समय 12 ओवर फेंके जाने शेष थे। अगर पूरे ओवरों का खेल संभव हो पाता, तो पाक के लिए मैच बचा पाना काफी मुश्किल हो सकता था।
भारत की यादगार कामयाबीबहरहाल भारत यह सीरीज 1-0 से जीतने में कामयाब रहा। साल 1979 के बाद यह पहला मौका है जब भारत ने घरेलू मैदान पर अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में हराया है।भारत ने नई दिल्ली में खेला गया पहला टेस्ट छह विकेट से जीता था, जबकि कोलकाता टेस्ट ड्रॉ रहा था।
कुंबले ने झटके पांच विकेटपाक की दूसरी पारी में कुंबले ने मेहमान बल्लेबाजों को अपने स्पिन के जाल में उलझाकर पांच विकेट झटक लिए। उन्होंने 14 ओवर में 60 रन देकर छह विकेट हासिल किए। उनके अलावा पार्टटाइम स्पिनर युवराज सिंह ने भी नौ रन देकर दो बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा। लेकिन रोशनी के खराब होने से पाक लगभग निश्चित लग रही हार को टालने में कामयाब हो गया।
खेल रोके जाने के समय पाक 162 रन पर सात विकेट गंवाकर संघर्ष कर रहा था और मोहम्मद यूसुफ के रूप में उसका एकमात्र स्थापित बल्लेबाज ही क्रीज पर मौजूद था।
क्यों भारत ने की देर
मैच के ड्रॉ के रूप में समाप्त होने के पीछे एक बड़ा कारण भारत की दूसरी पारी का अधिक देर तक खिंचना भी रहा। क्रिकेट विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे थे कि भारत लंच तक बल्लेबाजी करने के बाद पाक को 300 के आसपास का लक्ष्य देगा, लेकिन कुंबले ने मैच में भारत को सुरक्षित करने को प्राथमिकता दी। जिसका परिणाम यह हुआ कि उसे पाक को आउट करने के लिए केवल 47 ओवर ही मिल पाए। भारत ने लंच के बाद एक घंटे तक बल्लेबाजी जारी रखी और 284 रनों के स्कोर पर दिनेश कार्तिक (52) का विकेट गिरने के बाद पारी समाप्त घोषित की।
पहली पारी के आधार पर मिली 89 रनों की बढ़त को मिलाकर भारत ने पाक के समक्ष 48 ओवरों में 374 रन का असंभव लक्ष्य रखा। पाक की दूसरी पारी पर एक नजर- पाक ने शुरू से ही सुरक्षात्मक रवैया अपनाया और चायकाल के पहले उसके दोनों सलामी बल्लेबाजों सलमान बट्ट और यासिर हमीद को भारतीय क्षेत्ररक्षकों से जीवनदान मिला। लेकिन हमीद 39 रन बनाकर कुंबले की गेंद पर बोल्ड हो गए। उसी ओवर में कुंबले ने कप्तान युनिस खान (0) को भी अपना शिकार बना लिया। बट्ट के 58 गेंदों पर आठ रन बनाकर आउट होने के बाद फैसल इकबाल (51) और मिस्बाह उल-हक (37) ने तेजी से 71 रन जोड़ दिए। लेकिन इकबाल आठ चौकों की मदद से 51 रन बनाने के बाद कुंबले के शिकार हुए तो विकेटों की झड़ी लग गई। कामरान अकमल और यासिर अराफात तो अपना खाता भी नहीं खोल सके। भारत की दूसरी पारी इससे पहले भारत ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 284 रन बनाकर घोषित। जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे सौरव गांगुली मैच का अपना दूसरा शतक लगाने से सिर्फ नौ रनों से चूक गए। जबकि कार्तिक ने 52 रन बनाए। इस दौरान अनुभवी बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को कोहनी में चोट लगने के कारण 14 रन के निजी स्कोर पर मैदान से हटना पड़ा। भारत ने सुबह अपनी पारी दो विकेट पर 131 रन से आगे शुरू की। तेज गेंदबाज मोहम्मद सामी ने उसे लगातार ओवरों में दो झटके दिए और लंच तक राहुल द्रविड़ (42), गांगुली (91) और युवराज (2) पैवेलियन का रास्ता नाप चुके थे। गांगुली ने दिन के पहले ही ओवर में सामी की गेंद पर बेहतरीन चौका लगाया। उन्होंने द्रविड़ के साथ मिलकर भारत के योग को 178 रन तक पहुंचाया। द्रविड़ को स्पिनर दानिश कनेरिया ने पगबाधा आउट किया। द्रविड़ ने अपनी पारी में 121 गेंदों का सामना कर छह चौके लगाए। गांगुली को सामी ने गली में फैसल के हाथों कैच कराने में कामयाबी हासिल की। पहली पारी में अपना पहला दोहरा टेस्ट शतक लगाने वाले गांगुली ने 134 गेंदों का सामना करते हुए एक छक्का और 12 चौके लगाए।