मेलबोर्न. इंग्लैंड के पूर्व महान क्रिकेटर टोनी ग्रैग ने बीसीसीआई द्वारा गैरी कर्सटन को टीम इंडिया के कोच के तौर पर नियुक्त करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर अंतत: सीनियर खिलाड़ियों के हाथों की कठपुतली बनकर रह जाएंगे।
द हैराल्ड सन से बातचीत करते हुए ग्रैग ने कहा कि यह खबर मुझे चौंकाने वाली थी। मुझे लगता है कि जब सीनियर खिलाड़ी अपनी तरह से खेलने में विश्वास रखते हैं तो ऐसे में किसी को नियुक्त करने का क्या मतलब है? जैसे कि ग्रैग चैपल ने किया था अगर कर्सटन अपने तरीके से टीम को ढालेंगे तो उन्हें खामियाजा उठाना पड़ेगा।
इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी ग्रैग ने कहा कि बीसीसीआई द्वारा ज्यादा सीनियर कोचों जैसे श्रीलंका के कोच रहे टॉम मूडी या ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड कप जिता चुके जॉन बुचानन जैसे विकल्पों को न चुनना वाकई आश्चर्यजनक है।
ग्रैग ने बीसीसीआई की प्रणाली की आलोचना करते हुए यह भी कहा चूंकि कोच का काम कठिन है और उसके रास्ते में कई सारी राजनीतिक दिक्कतें आती हैं इसलिए किसी भारतीय को कोच के तौर पर नियुक्त करने से बचा जाता है।