मुंबई. 11 जुलाई 2006 को महानगरी में हुए सीरियल ट्रेन ब्लास्ट के सिलसिले में विशेष मकोका अदालत 18 दिसंबर को पहले गवाह के बयानों की जांच से ट्रायल शुरू करेगी। इन विस्फोटों में 187 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा घायल हुए थे।
महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के विशेष जज एमआर ने बुधवार को जेल में बंद 13 आरोपियों के आवेदन सुनकर उन्हें अलग-अलग रखे जाने का आदेश दिया और आरोपियों का एक-दूसरे से कोई संपर्क न होने के लिए निर्देशित किया।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को लोकल ट्रेनों में सात धमाकों के सिलसिले में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपी कह चुके हैं कि उन्हें बचाव में कोई वकील नहीं चाहिए। उन्होंने आज अदालत में कहा कि उन्हें अलग-अलग रखे जाने से वे मिलकर बचाव तैयार नहीं कर पाएंगे।
इस मामले पर जज ने आदेश दिया कि जेल अधीक्षक आरोपियों को अलग-अलग रख उन्हें चार्जशीट और कानूनी किताबें पढ़ने की सुविधा मुहैया कराएं।