अहमदाबाद.
पांच उम्मीदवार करोड़पति हैं इसके बावजूद इनके पास कोई पैन नंबर नही है।
गुजरात विधान सभा चुनाव 2007 पर सर्वेक्षण के दौरान यह बात सामने आई है कि चुनाव में कुल 668 उम्मीदवारों में से 45 उम्मीदवार ऐसे हैं जो कि करोड़पति और 49 लखपति है ं। इन उम्मीदवारों के द्वारा एफिडेविट में बताई हुई खुद की, पत्नी की, बेटे की, पति की और बेटी के नाम की स्थाई और अस्थाई संपत्तियों की जानकारी संगठन ने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर से एकत्रित करके संकलित किया गया है।
इस जानकारी के अनुसार 46 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके पास करोड़ों की अकूत सम्पति है। जिसमें कांग्रेस के 20, भाजपा के 20 और अन्य दूसरी पार्टी के 6 उम्मीदवारों का समावेश है। सबसे बड़ी बात यह है कि 5 ऐसे करोड़पति उम्मीदवार हैं जो कि यह बताते हैं कि उनके पास करोड़ों की संम्पति है लेकिन आयकर विभाग का पैन नंबर नहीं है।
जस्टिस दीवा ने यह खुलासा करते हुए कहा कि जो उम्मीदवार कृषि और उनसे आने वाली संपत्तियों के उपर आधारित हैं उनके पास पैन नंबर की कोई जरुरत नहीं है और वहीं 10 लाख से अधिक संपत्ति रखने वालों में 49 उम्मीदवार हैं जिसमें भाजपा के 20, कांग्रेस के 18 और बसपा के 8 उम्मीदवार हैं।
28 उम्मीदवारों के पर लाखों और करोड़ो का कर्ज :
इस बार के चुनाव में 28 उम्मीदवार ऐसे हंै जिन पर लाखों करोड़ांे का कर्ज है। कुछ तो ऐसे हैं जिनके उपर लोन और क्रेडिट कार्ड का बकाया है वे भी चुनावी जंग में कूद पड़े हैं। लाखों करोड़ों का बकाया जिनके सिर पर है उनमें से भाजपा के 17, कांग्रेस के 8 और बसपा के 3 उम्मीदवार हैं।
चुनाव आयोग ने भाजपा और कांग्रेस को लिखे एक पत्र में कहा कि दोनों पक्षों को चुनाव में अपराधियों को सीट देने से दूर रहना चाहिए। चुनाव आयोग के इस बात को लेकर किसी भी पार्टी ने कोई जवाब नहीं दिया। कई ऐसे अपराधी हैं जिसे की पर्टियों ने चुनाव से दूर रखा है। हरेश भट्ट जैसे नेता को भी चुनाव से दूर रहना पड़ा है।