पुणे. विश्व प्रसिद्ध संगीतकार पंडित रविशंकर शायद इस वाकये को लंबे अर्से तक नहीं भूलेंगे। उन्हें एक अदद छत के लिए अपने पालतू कुत्ते सूकी को लेकर पांच
सितारा होटलों के चक्कर काटने पड़े। होटलों की ‘नो पेट्स प्लीज’ नीति के कारण उनमें जगह नहीं मिल रही थी।
नो पेट्स प्लीज : होटल सन-एन-सैंड के जनरल मैनेजर सी बहल ने बताया कि उनके यहां नो पेट्स की नीति है। सुपर स्टार शाहरुख खान और सलमान खान को भी हमने ऐसी अनुमति नहीं दी थी। हमारे 72 फीसदी ग्राहक विदेशी हैं और वे जानवरों के सख्त खिलाफ हैं।
अंतत: शख्सियत को सलाम : आखिरकार होटल डक्कन रेंडेजवोअस ने पंडित रविशंकर की शख्सियत के मद्देनजर अपनी इस नीति में ढील देकर उनके परिवार और साथियों को अपने यहां जगह दी है। पंडितजी एक कार्यक्रम के सिलसिले में शहर आए हुए हैं।
मुसीबत और भी : सूकी के कारण और भी मुसीबतें झेलनी पड़ीं। रविशंकर के टूर मैनेजर ने भास्कर-डीएनए को बताया कि दिल्ली से पुणे आते समय एयरपोर्ट अफसरों और अन्य को समझाने में काफी दिक्कतें हुईं कि सूकी से बीमारी लगने या अन्य किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
क्यों सूकी साथ-साथ? : यह विशेष प्रजाति का कुत्ता है जो चिकित्सा संबंधी गुणों के कारण जाना जाता है। रविशंकर (87) एक बार वाइरल बुखार और निमोनिया से पीड़ित हुए थे। तब डॉक्टर ने उन्हें सूकी को अपने साथ रखने की सलाह दी थी। डॉक्टरों के अनुसार इससे स्वास्थ्य में सुधार जल्दी होता है।
* सूकी से संबंधित सभी कागजात साथ लेकर आए हैं ताकि कहीं कोई दिक्कत न हो। विमान के भीतर किसी ने आपत्ति नहीं की, वरना हम फंस जाते।
- सतीश व्यास, आयोजनकर्ता