राजधानी हरियाणा. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हरियाणा के लोगों की पहचान के लिए हो रहे बीपीएल सर्वे की सूची में हर पात्र परिवार को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री हुड्डा ने एक बयान में आह्वान किया है कि वे इस बाबत सत्ता लोलुप नेताओं द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार के बहकावे में न आएं।
हुड्डा ने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए बीपीएल परिवारों की एक ड्राफ्ट सूची तैयारी की है। यह अंतिम सूची नहीं है। सूचियां 7 से 19 दिसंबर के बीच ग्राम सभा की बैठकों में रखी जा रही हैं।
अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा : हुड्डा ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायतें दे रखी हैं कि बीपीएल परिवारों की सूची में कोई पात्र व्यक्ति न छूटे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न होने पाए। कोई लापरवाही हुई तो इसके लिए सबंधित अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ये हैं बीपीएल सूचियों के गरीब
करनाल/यमुनानगर. बीपीएल सर्वे में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। लगता है सर्वे करने वालों ने खुलकर भ्रष्टाचार किया है। करनाल जिले के गांव काछवा और यमुनानगर के गांव गधौला में कई एनआरआई के नाम इस सूची में शामिल हैं।
जिले सिंह पुत्र प्रभुराम
गांव : काछवा (करनाल), योग्यता : खुद राजमिस्त्री, बस अड्डे पर एक आरा मशीन, दो लड़के कृष्ण व संजय क्रमश: 1995 व 2005 से इटली में कार्यरत, दो एकड़ जमीन के मालिक व अपना टयूबवेल, पिछली सूची में सामान्य राशन कार्ड, नए सर्वे में गरीब हो गए। घर में बिजली, फ्रीज, टीवी व पंचायत घर के पास कोटंीनुमा मकान।
नाम : जयपाल पुत्र भुल्लाराम
पता : काछवा (करनाल)
योग्यता : जयपाल इस समय यूक्रेन में होटल चला रहा है। पिछले 12 साल से विदेश में है। इसका एक भाई रामकुमार भी जर्मनी में है। जयपाल के पिता भूल्लाराम खुद राजमिस्त्री व खुद की आटा चक्की वर्षो पुरानी। कोठीनुमा मकान सभी भौतिक सुख सुविधाओं से युक्त। दो एकड़ से अधिक की जमीन का मालिक। पूर्व में सामान्य राशन कार्ड अब बीपीएल की सूची में।
नाम : सतपाल पुत्र भूल्लाराम
पता : काछवा (करनाल)
योग्यता : सतपाल सर्वाधिक व्यस्त राजमिस्त्री, खुद का गांव में कोठीनुमा मकान, मकान में बिजली व भौतिक संसाधन भी।। पूर्व में सामान्य कार्ड सामान्य अब बीपीएल की सूची में दर्ज।
नौकरी विदेश में हैं गरीब
यमुनानगर. गांव गधौला की चुहड़ी देवी के दो बेटे विदेश में नौकरी कर रहे हैं, जबकि उनका नाम सूची में है। इसके अलावा उसके तीन अन्य बेटे के नाम भी बीपीएल सूची में हैं। तीनों के अपने-अपने पक्केमकान व जमीन है और इनमें से एक बेटा मार्केट कमेटी में काम करता है।
गांव का रणजीत सिंह विदेश में गया हुआ है और उसके पास ट्रैक्टर-ट्राली है। इसके अलावा सूची में शामिल ओमीचंद, रणजीत, गुरदेव सिंह, निर्मल, राम किशन, शेर सिंह, सुंदर, कृष्ण, अशोक कुमार, सुनील, घसीटू राम व कुलविंद्र सिंह के नाम हैं। इन सबके पक्के मकान हैं और उनकी अच्छी-खासी आय है।