गुड़गांव.
झूम इंडिया के टॉप फाइव में पहुंची गुड़गांव की छवि
चैनल सहारा वन पर चल रहे रियलिटी शो-झूम इंडिया के टॉप फाईव में पहुंची गुड़गांव निवासी छवि मित्तल ने हरियाणा व दिल्ली के लोगों से ज्यादा से ज्यादा वोट करने की अपील की है। शुक्रवार व शनिवार को रात नौ बजे प्रसारित होने वाले रियलिटी शो में संगीतकार जतिन के साथ अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाली छवि शुक्रवार सुबह गुड़गांव के सेक्टर 17 स्थित अपने निवास पर आई हुई थी।
गुड़गांव के राजकीय महिला महाविद्यालय से म्यूजिक विषय में एमए करने वाली छवि ने 10वीं तक की पढ़ाई भी गुड़गांव के रोटरी पब्लिक स्कूल में ही की है। छवि के पिता देवेन्द्र मित्तल इलेक्ट्रोनिक्स में इंजीनियर हैं और गुड़गांव के उद्योग विहार में ही अपनी कंपनी चलाते हैं। जबकि माता रीना मित्तल रिटायर प्रिंसिपल है।
निराश नहीं करूंगी : छवी
बुधवार को दिल्ली में चैनल द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम के लिए पहुंचने वाली छवि मित्तल रात को गुड़गांव स्थित अपने निवास पर ठहरी और सुबह ग्यारह बजे यहां से मुंबई के लिए निकल गई। छवि ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि रियलिटी शो झूम इंडिया में पहुंचने वाले अन्य प्रतिभागियों को उनके राज्यों से ज्यादा वोट मिल रहे हैं जबकि हरियाणा से उसे ज्यादा वोट नहीं मिल रहे हैं। छवि ने उम्मीद जताई कि अब उसके टॉप फाईव में पहुंच जाने के बाद हरियाणा व दिल्ली के लोग भी उसे जीतते देखना चाहेंगे और वह भी अपने लोगों को निराश नहीं करेगी।
कैसा है यह शो
छवि ने बताया कि रियलिटी शो झूम इंडिया अलग तरह का कार्यक्रम है जिसमें एक एक्टर से गाना गवाया गया है। गुड़गांव की लड़की ने बताया कि इसमें एक संगीतकार अपने साथी एक्टर को संगीत की ट्रेनिंग देता है। इस शो में छवि के पार्टनर बने संगीतकार जतिन जो इस कार्यक्रम में बतौर एक्टर भाग ले रही हैं।
जीतने पर खुशी बांटेगी छवी
छवी ने बताया कि स्कूल के समय में भी वह संगीत के एक अन्य कार्यक्रम सारेगामा में भाग ले चुकी है और सेमीफाइनल तक पहुंची थी। छवि ने बताया कि जीत के बाद वह फिर धन्यवाद करने गुड़गांव में आएगी और अपने हरियाणा व दिल्लीवासियों के साथ खुशी बांटेगी।
बैंडबाजे से सारेगामा तक पहुंचा हिसार का साहिल
हिसार. कहते हैं कला किसी विशेष प्रशिक्षण और माहौल की मोहताज नहीं होती बल्कि यह तो जन्मजात होती है। कुछ ऐसा ही गोविंद नगर के 12 वर्षीय साहिल सोलंकी ने कर दिखाया है।
हिसार के सुरेंद्रा बैंड से शादियों में गीत गाने की शुरुआत करने वाले इस बालक ने अपनी कला की बदौलत जीटीवी के प्रसिद्ध कार्यक्रम सारेगामा लिटिल चैंप में न सिर्फ फिर से जगह बना ली है बल्कि टॉप 6 में पहुंच भी गया है। साहिल अक्टूबर माह में इस प्रतियोगिता के आखिर में बाहर हो गया था लेकिन अपनी प्रतिभा की बदौलत अब उसे एक और मौका मिल गया है।
पेशे से ड्राई क्लीनिंग का काम करने वाले साहिल के पिता विजय सोलंकी ने बताया कि वे पत्नी व बच्चों के साथ यहां गोविंद नगर में अपने ससुर सुरेंद्र के पास रहते हैं। साहिल की मां शीला मोरिया नगर के विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुकी हैं। मां को बचपन से गाता देख और नाना सुरेंद्र कुमार के बैंड के कारण घर में मिले माहौल ने उसको संगीत की दुनिया से जोड़ दिया। यहीं से उसने फिल्मी गाने गुनगुनाने शुरू कर दिए।
कैसे आई सामने आई साहिल की प्रतिभा
साहिल के नाना सुरेंद्र कुमार ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पहले किसी शादी समारोह में जाने के समय उनका एक गायक अचानक नहीं आ सका। जब साहिल को इसका पता चला तो उसने गाने की इच्छा जाहिर की। इस पर उन्होंने उसे आजमाने का निर्णय लिया और वह उनकी कसौटियों पर खरा उतरा।
इसके बाद वह कई बार शादी समारोह में बैंड के साथ गाने के लिए गया। बाद में उसकी कला को निखारने के लिए लोक संपर्क विभाग में कार्यरत निंरजन सिंह से शिक्षा दिलानी शुरू की गई।
आप बना सकते हैं साहिल को विजेता
साहिल को लिटिल चैंप बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति अपना योगदान दे सकता है। इसके लिए साहिल सोलंकी को वोटिंग व एसएमएस किया जा सकता है। साहिल का कोड 10 है और उसे 57575 पर एसएमएस करना पड़ेगा। वोटिंग के लिए रिलायंस के फोन नंबर 51234991 व एमटीएनएल के नंबर 18624247575 पर फोन करना होगा।