जयपुर. गुर्जरों को जनजाति में शामिल करने की पात्रता पर विचार कर रही जस्टिस जसराज चोपड़ा की कमेटी शनिवार शाम मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को अपनी रिपोर्ट
सौंपेगी। रिपोर्ट के संभावित निष्कर्षो को देखते हुए गुर्जर और मीणा आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे हैं। रिपोर्ट के बाद होने वाले विरोध प्रदर्शन और आंदोलन से निबटने के लिए सरकार ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस प्रशासन से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
हालांकि जस्टिस चोपड़ा ने निष्कर्षो का खुलासा नहीं किया है, लेकिन संभावना इस बात की ज्यादा है कि रिपोर्ट गुर्जरों के खिलाफ जाएगी। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि रिपोर्ट में गुर्जरों के शपथ-पत्रों, फोटो, सीडी के साथ 28 जिलों के कलेक्टरों की उस रिपोर्ट को भी आधार बनाया गया है, जिसमें गुर्जरों को जनजाति में आरक्षण देने योग्य नहीं माना गया। कमेटी गुर्जरों के पिछड़ेपन को स्वीकारते हुए उनके लिए विशेष पैकेज घोषित करने की सिफारिश कर सकती है। इसमें आदिवासियों की तर्ज पर गुर्जर बाहुल्य इलाकों के लिए नौकरियों में विशेष आरक्षण और ज्यादा छात्रवृत्ति देने जैसे पैकेज हो सकते हैं।
कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस चोपड़ा ने कहा कि रिपोर्ट का खुलासा सरकार ही करेगी। कमेटी ने अपना काम पूरा कर लिया है। शनिवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। चोपड़ा ने माना कि गुर्जरों में पिछड़ापन तो है ही, तभी तो इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया है।़
* चौपड़ा कमेटी अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के बारे में किसी भी तरह का फैसला मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के स्तर पर ही लिया जाएगा।
—राजेन्द्र राठौड़, संसदीय कार्यमंत्री
* सरकार और गुर्जरों के बीच में जो बुद्धिमत्ता और सकारात्मक समझौता हुआ था। सरकार अपना वचन निभाएगी। उम्मीद है कि किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत नहीं होंगी।
—डॉ. महेश शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा
दुगुना किया गया था कार्यकाल
-जस्टिस जसराज चौपड़ा कमेटी के अध्यक्ष
-प्रोफेसर योगेश अटल, सदस्य
-टी. श्रीनिवासन आईएएस, सदस्य सचिव
-गुर्जरों से 4 जून, 2007 को हुआ समझौता
-कमेटी ने 10 जून, 2007 से शुरू किया काम
-पहले 9 सितंबर, 2007 को पूरा हो रहा था कार्यकाल।
-अब 15 दिसंबर तक किया कमेटी ने काम।
गुस्से में गुर्जर
समाज के लिए हर बलिदान को तैयार रहें : बैसला
गुर्जर आंदोलन के नायक कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला ने कहा कि गुर्जरों के आरक्षण की चिट्ठी केंद्र को जरूर जाएगी। उन्हें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है। फिर भी चोपड़ा कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही वे अपनी अगली रणनीति तय करेंगे। रिपोर्ट आने के एक दिन पहले कर्नल बैसला ने पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किए, अजमेर दरगाह में जियारत की और गुर्जर समुदाय की सभा में लोगों से कहा कि समाज हित के लिए हर तरह का बलिदान देने को तैयार रहे।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य जवाहरसिंह बेढम का कहना है कि गुर्जरों की केवल एक ही मांग है कि उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए।
गुर्जर आरक्षण संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के नकारात्मक या सकारात्मक होने का कोई फर्क नहीं पड़ता। गुर्जरों को जनजाति में आरक्षण चाहिए और वे अपना हक लेकर रहेंगे।
हर हाल में सरकार की मुसीबत
चोपड़ा कमेटी की रिपोर्ट ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि रिपोर्ट गुर्जरों के पक्ष में जाती है तो मीणा समाज आंदोलन करेगा और यदि गुर्जरों के खिलाफ जाती है तो वे फिर सड़कों पर आएंगे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को भाजपा सांसद रामदास अग्रवाल, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और मंत्री राजेन्द्र राठौड़ सहित कई लोगों से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने चोपड़ा कमेटी की रिपोर्ट पर कैबिनेट की बैठक एक-दो दिन में ही बुलाने के संकेत दिए।
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