जयपुर. इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को होगी। सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन वर्ष 2008 में ऐसा ही हो रहा है। पंद्रह जनवरी को हो रही मकर
संक्रांति को लेकर ज्योतिषियों और लोगों में हलचल शुरू हो गई है। ज्योतिषियों का कहना है कि शास्त्रों में 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति होने का कोई उल्लेख नहीं है। यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ जुड़ा हुआ पर्व है। पिछली शताब्दियों में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश अलग-अलग तारीखों में होता रहा है लेकिन 19वीं-20वीं शताब्दी के बाद यह पहला मौका है जब सूर्य 15 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर रहा है।
राजस्थान ज्योतिष परिषद के महासचिव डॉ. विनोद शास्त्री के अनुसार इस बार 14 जनवरी को अर्धरात्रि बाद 12 बजकर 9 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। तब तक तारीख बदलकर 15 जनवरी हो जाएगी। मकर संक्रांति का पुण्यकाल तो 15 जनवरी को बीते सालों में कई बार आया है लेकिन 15 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश पहली बार हो रहा है। इसका पुण्यकाल 15 जनवरी को शाम 4 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति की तारीख बदलने से इस दिन होने वाले धार्मिक आयोजन और दान-पुण्य भी 15 जनवरी को ही किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को सूर्यास्त के एक घंटे 12 मिनट बाद यदि सूर्य मकर राशि में प्रवेश करे तो पुण्य काल 15 जनवरी को आता है। ऐसा पिछले सालों में कई बार हो चुका है।
क्यों आई 15 को मकर संक्रांति : पं. बंशीधर ज्योतिष पंचांग के पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए प्रति वर्ष 55 विकला या 72 से 90 सालों में एक अंश पीछे रह जाती है। इससे सूर्य मकर राशि में एक दिन देरी से प्रवेश करता है।
करीब 17 सौ साल पहले 22 दिसंबर को मकर संक्रांति मानी जाती थी। इसके बाद पृथ्वी के घूमने की गति में 72 से 90 सालों में एक अंश का अंतर आता गया और मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करने की तिथि उसी अनुरूप बढ़ती गई।
14 व 15 का संक्रमण काल चल रहा है : वर्ष 1927 से पहले मकर संक्रांति 13 जनवरी को हुआ करती थी। इसके बाद और बीसवीं सदी तक मकर संक्रांति 14 जनवरी को आने लगी थी। अब वर्ष 2086 के बाद मकर संक्रांति पूर्ण रूप से 15 जनवरी को आने लगेगी। वर्तमान में 14 जनवरी और 15 जनवरी को मकर संक्रांति आने का संक्रमण काल चलेगा। इसमें कुछ सालों में तो 15 जनवरी को और कुछ सालों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति रहेगी। इस सदी के अंत तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को होने लगेगी। इसके बाद 22वीं सदी में 15 जनवरी और 16 जनवरी का संक्रमण काल चलेगा।
मकर संक्रांति 15 को कब-कब : वर्ष 2008, 2012, 2020, 2024, 2040, 2047, 2048
पुण्य काल 15 को कब-कब : वर्ष 2011, 2022, 2027, 2030, 2032, 2035, 2038, 2043
मकर संक्रांति इस प्रकार रही
शताब्दी- मकर संक्रांति की तारीख
सन 290- 22 दिसंबर
16वीं-17वीं शताब्दी- 9 व 10 जनवरी
17वीं व 18वीं शताब्दी - 11 व 12 जनवरी
19वीं व 20वीं शताब्दी - 13 व 14 जनवरी
20वीं व 21 वीं शताब्दी - 13, 14 व 15 जनवरी
21वीं व 22वीं शताब्दी - 14, 15 व 16 जनवरी