HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

जेल में गश खाकर गिरा लियो, मामला दबाया

चंडीगढ़. करोड़ों की हेरोइन समेत पकड़े जाने के बाद बुडै़ल जेल में बंद आरोपी लियोर बिन मोयाल उर्फ लियो शुक्रवार को एकाएक जेल में चक्कर खाकर गिर गया। उसकी जेब से जेल प्रशासन को कुछ दवाइयां मिलीं, लेकिन इस बात को लगातार छिपाया गया।

सूत्रों के मुताबिक लियोर की यह हालत ज्यादा दवाइयां लेने से हुई। गिरने से लियो के सिर पर चोट भी पहुंची। उसे जीएमसीएच-32 भी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

सुबह ७.१५ बजे के करीब लियो को जेल कर्मियों ने गिनती के लिए उठाया। अपने सेल से निकलकर बाथरूम जाते वक्त लियो अचानक चक्कर खाकर गिर गया। इस दौरान उसका सिर बैरक के ग्रिल पर लगा, जिससे उसे चोट लगी। तुरंत उसे उठाकर जेल की डिस्पेंसरी ले जाया गया और जेल के मेडिकल अफसर डॉ. बीएस सलवान को बुलाया गया, जिन्होंने उसे जीएमसीएच-32 भेज दिया।

गिरने के बाद उसकी तलाशी ली गई तो उसकी जेब से कुछ दवाइयां मिलीं। एक पेन भी मिला, जिसमें रीफिल की जगह करीब डेढ़ इंच की कील थी। जेल प्रशासन का कहना है कि लियो डिप्रेशन में चल रहा था और जेल डिस्पेंसरी में ही उसका इलाज चल रहा था। वहीं से वह दवाइयां ले रहा था। इसके अलावा उसे अस्थमा की भी प्रॉब्लम है।

दो दिनों की डोज एक साथ क्यों?
मेडिकल अफसर डॉ. सलवान के मुताबिक मोयाल को एक साथ दो दिनों की डोज दी जाती थी। मोयाल अस्थमा, माइग्रेन और डिप्रेशन की चार गोलियां एक समय में और पूरे दिन में १२ गोलियां खाता है। इस हिसाब से उसे कुल २४ गोलियां एक साथ मिल जाती हैं।

इस डोज में एलरेट जैसी नींद की गोली भी मौजूद है। सवाल उठता है कि जेल में भूख हड़ताल कर आत्महत्या की धमकी देने वाले मोयाल को एक साथ इतनी डोज क्यों दी जाती है, जबकि जेल में परमानेंट डिस्पेंसरी है, जहां से वह एक समय की डोज आसानी से ले सकता है।

जीएमसीएच-३२ के साइकेट्री डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार सिधाना का कहना है कि ऐसा मरीज जो आत्महत्या की धमकी दे चुका हो और साइकेट्रिक प्रॉब्लम से जूझ रहा हो, उसे एक साथ दो वक्त की डोज नहीं दी जानी चाहिए। उससे हथियार, नोकिली चीज भी दूर रखनी चाहिए।

>> हां सुबह मोयाल नीचे गिर गया था और उसे जीएमसीएच-32 में इलाज के लिए ले जाया गया। हमने खुद अस्पताल में मोयाल के दवाइयां निगलने की शंका जताई थी। —नवजोत पाल सिंह रंधावा, एआईजी (जेल)

>> मैं एक समय में लियोर को दो दिन की डोज देता हूं। पिछली डोज खत्म होने के बाद ही अगली डोज दी जाती है। अगर कोई न खाए और टैबलेट इकट्ठी करता रहे, तो इसकी चेकिंग की जिम्मेवारी जेल प्रशासन की है। वैसे मोयाल सइकेट्रिक और अस्थमा की प्रॉब्लम से परेशान है।
डॉ. बीएस सलवान, एमओ जेल

आईजी जेल से छिपाया मामला
मोयाल गिरा, उसकी जेब से कील लगा पेन मिला और दवाइयां मिलीं, लेकिन इस मामले को आईजी जेल दिनेश भट्ट से छुपाया गया। जब इस घटना के बाबत उनसे बात की गई, तो उनका कहना था कि इसकी जानकारी जेल प्रशासन ने न तो दी, न ही इसकी कोई जानकारी उनके पास है। उन्होंने कहा कि वह जांच करवाएंगे कि आखिर इस जानकारी को उनसे क्यों छिपाया गया।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: